फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras News: संभल के हादसे से नहीं लिया सबक, कोल्ड स्टोरेज में नहीं सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम

Sun, 19 Mar 2023 02:10 AM IST
चमन शर्मा लकी शर्मा, अमर उजाला, हाथरस

सार

संभल के चंदौसी में शीतगृह हादसे के बाबजूद भी हाथरस कोल्ड स्टोरेज वालों ने सबक नहीं लिया है। हाथरस के कई शीतगृहों में आग से सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं हैं। 
विज्ञापन
शीतगृह में बिछी लाइनें - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हाथरस जिले के शीतगृहों में मानक के अनुरूप सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। चंदौसी में बीते दिनों हुए हादसे की तरह यहां के शीतगृहों में भी होने के आसार बन रहे हैं।

विज्ञापन


हाथरस प्रमुख आलू उत्पादक जिलों में से एक है। जिले में कुल 150 शीतगृह हैं। इनकी भंडारण क्षमता 12 लाख 63 हजार मीट्रिक टन है। शीतगृहों में बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। कुछ शीतगृह संचालक अधिक लाभ कमाने के चक्कर में क्षमता से अधिक भंडारण कर लेते हैं। ऐसे में हादसा होने का डर बना रहता है। 

विज्ञापन


संभल के चंदौसी में एक शीतगृह में हुए भीषण हादसे में 14 मजदूरों की मौत हो चुकी है। तो हाथरस के शीतगृहों में पूर्व में भी हादसे हो चुके हैं। सादाबाद में गोविंदपुर के निकट स्थित एक शीतगृह में वर्ष 2022 में आग लगने की लग गई थी। घंटो की मशक्कत के बाद आग पर काबू पया गया था। सादाबाद के मथुरा रोड स्थित एक शीतगृह में अमोनिया गैस रिसाव के चलते आग लग गई थी। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया था। हालांकि दोनों ही घटनाओं जनहानि नहीं हुई थी।

यह हैं सुरक्षा मानक

  • शीतगृह में चारों तरफ अग्निशमन पाइपलाइन बिछी होनी चाहिए।
  • आग बुझाने के सिलिंडर भी होने चाहिए।
  • फिटनेस सर्टिफिकेट होना चाहिए।
  • रिनोवेशन का सर्टिफिकेट होना चाहिए।
  • प्रदषण कंट्रोल बोर्ड का सर्टिफिकेट होना चाहिए।
  • मशीन रूम में योग्य ऑपरेटर तैनात होना चाहिए जो सेफ्टी वाल को ऑपरेट कर सके।

विज्ञापन

समय-समय पर शीतगृहों का निरीक्षण किया जाता है। सुरक्षा के संसाधनों की जांच की जाती है। जो भी कमियां पाई जाती हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए जाते हैं। जब भी कोई नया शीतगृह बनता है वह मानकों के अनुरूप ही बनता है। संभल हादसे के बाद इस ओर और अधिक ध्यान दिया जाएगा। - अनीता सिंह, जिला उद्यान अधिकारी हाथरस

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें