न्यायालय ने शुक्रवार को पंचायत चुनाव की रंजिश में नौ साल पहले हुई ग्राम विधिपुर शेरपुर के प्रधान रामू उर्फ रामकुमार की हत्या के छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। एक आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई और उसका मामला किशोर न्यायालय बोर्ड में विचाराधीन है।
इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या पांच विजय कुमार द्वितीय के न्यायालय चल रही थी। न्यायालय ने घटना में प्रधान पद का चुनाव हारे गांव के ही नरेंद्र उर्फ गोली, उसके साथियों प्रमोद, प्रदीप, जय कुमार, शिव कुमार और ब्रजेश को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
घटना थाना हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव विधिपुर शेरपुर में 20 जुलाई 2016 को सुबह साढ़े नौ बजे हुई थी। मृतक प्रधान के छोटे भाई पुष्पेंद्र ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा था कि घटना के समय प्रधान रामकुमार अपने साले डेनी के साथ मोटर साइकिल से हाथरस जा रहे थे। उनके पीछे दूसरी मोटर साइकिल पर वह स्वयं और उनके चाचा प्रेमपाल चल रहे थे।
रास्ते में नगला इमलिया से हाथरस की ओर बंबा पुल के पास गांव विधिपुर के ही प्रमोद, नरेंद्र उर्फ गोली, शिव कुमार, ब्रजेश व दो अज्ञात लोग घात लगाकर बैठे हुए थे। इन्होंने तीन मोटर साइकिलें खड़ी कर रास्ता रोका हुआ था। प्रधान रामकुमार के बाइक रोकते ही आरोपियों ने उन्हें बाइक से खींच लिया और उन्हें गोली मार दी। पहली गोली लगने के बाद वह इनसे छुटकर खेतों की ओर भागे, इन्होंने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी। पुष्पेंद्र, प्रेमपाल और डेनी को भी हत्या की धमकी देते हुए फरार हो गए। परिजन लहूलुहान हालत में रामकुमार को लेकर बागला जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
थाने पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट में हत्या के पीछे ग्राम पंचायत चुनाव की रंजिश को वजह बताया गया था। नरेंद्र उर्फ गोली ने भी प्रधान का चुनाव लड़ा था, जिसमें वह हार गया था और रामकुमार चुनाव जीत गए थे। इस मामले की विवेचना में पुलिस ने दो अज्ञात की पहचान प्रदीप और जय कुमार के रूप में की। सात लोगों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। इनमें एक नाबालिग था।