जिले में निराश्रित गोवंश के रखने के लिए संचालित गोशालाओं के निरीक्षण में कई खामियां सामने आई हैं। निरीक्षण आख्या में खामियों के सामने आने के बाद जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने नाराजगी जताई है। डीएम ने उप जिलाधिकारियों एवं खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गोशालाओं में खामियों को तत्काल दूर कराया जाए। उन्होंने कहा कि गोशाला में कमियां पाए जाने की दशा में संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
जिले में संचालित गोशालाओं की स्थिति का निरीक्षण अधिकारियों के माध्यम से कराया जा रहा है। इस दौरान गोशालाओं के संचालन में कई खामियां सामने आ रही हैं। निरीक्षण में सामने आया कि ब्लॉक एवं तहसील स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठकें भी आयोजित नहीं हो रही हैं। गोशालाओं के निरीक्षण में सामने आ रही समस्याओं का निराकरण तहसील अथवा ब्लॉक स्तर पर कराया जा सकता है, लेकिन ब्लॉक व तहसील स्तर से गंभीरता नहीं बरती जा रही है।
डीएम ने कहा है कि निरीक्षण में पाया गया है कि गोशालाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। गोशाला में मौजूद गोवंश की न तो समुचित देखभाल की जा रही है और न ही भरण-पोषण के लिए चारे का इंतजाम है। ग्राम पंचायत स्तर पर समय से भरण-पोषण के लिए टेंडर समय से नहीं कराया जा रहा है। यह योजना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले बिंदुओं में से एक है। अतः निरीक्षण में मिली खामियों को तहसील स्तरीय टास्क फोर्स समिति के स्तर पर दूर किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि निराश्रित गोवंश के संरक्षण में लापरवाही बरतने पर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। संवाद