पिछले कुछ वर्षों में दिवाली पर मेवा की बिक्री का चलन तेजी से बढ़ा है। पहले बहुत कम लोग ही मेवा की खरीदारी करते थे, लेकिन अब मेवा की बिक्री मिठाई से टक्कर लेने लगी है। यही कारण है कि मांग को देखते हुए जिले के मिठाई विक्रेताओं ने भी अपने यहां मेवा के उपहार पैक बिक्री के लिए सजाए। कन्फेक्शनरी की दुकानों पर भी मेवा के पैक की खूब मांग रही। थोक कारोबारियों मानें तो इस साल दिवाली पर करीब 02 करोड़ रुपये की मेवा बिक गई।
लगातार बढ़ रही उपहार देने की परंपरा
दिवाली पर उपहार देने की परंपरा लगातार बढ़ रही है। इस साल भी दिवाली पर कई प्रकार के उपहारों का वितरण किया गया। इसका नतीजा यह है कि शहर ही नहीं, बल्कि जिले भर में उपहारों की दुकानें सजाई गईं। इनमें होम एपलाइंसेज सहित कई प्रकार के आयटम शामिल रहे।
दिवाली पर यह रही कारोबार की स्थिति
-230 करोड़ रुपये लगभग का हुआ कारोबार।
-52 करोड़ रुपये करीब का सराफा बाजार में कारोबार।
-62 करोड़ रुपये करीब का दो व चार पहिया वाहनों का कारोबार।
-22 करोड़ रुपये करीब का बर्तन का कारोबार।
-41 करोड़ रुपये करीब का इलेक्ट्रॉनिक्स व होम एपलाइंसेज का कारोबार।
-20 करोड़ रुपये करीब का उपहार और मिठाई का कारोबार।
-25 करोड़ रुपये करीब का रेडीमेड गारमेंट्स व कपड़ा का कारोबार।
-02 करोड़ रुपये करीब मेवा का कारोबार।
-06 करोड़ रुपये करीब का पटाखा कारोबार।