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Diwali: हाथरस जिले में करीब छह करोड़ की आतिशबाजी हुई राख, खुश नजर आए कारोबारी

Sat, 02 Nov 2024 02:35 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

एक अनुमान के मुताबिक कुछ साल पहले तक जिले में चार करोड़ रुपये की आतिशबाजी फूंकी जाती थी, लेकिन इस साल यह आंकड़ा बढ़कर छह करोड़ पर पहुंच गया है।
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सिकंदराराऊ में दिवाली पर आतिशबाजी चलाते लोग - फोटो : संवाद
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विस्तार
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दिवाली का त्योहार कारोबार जगत के लिए इस बार बेहतर रहा है। त्योहार पर करीब छह करोड़ रुपये की आतिशबाजी राख हो गई। इसके अलावा क्षेत्रों में भी करीब 230 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है, जिससे कारोबारी काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।

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एक अनुमान के मुताबिक कुछ साल पहले तक जिले में चार करोड़ रुपये की आतिशबाजी फूंकी जाती थी, लेकिन इस साल यह आंकड़ा बढ़कर छह करोड़ पर पहुंच गया है। इस वर्ष जिले में 14 स्थल आतिशबाजी की बिक्री के लिए निर्धारित किए गए थे। इन स्थलों पर लगीं 280 दुकानों पर धनतेरस से लेकर दिवाली के दिन तक आतिशबाजी की बिक्री हुई। पिछले तीन दिनों में पूरे जिले के आतिशबाजी बाजार में छह करोड़ रुपये की आतिशबाजी जलकर राख हो गई।

दिवाली के जश्न में धूम-धड़ाका करने से लोग पीछे नहीं रहे। क्या बच्चे और क्या युवा, सभी ने जमकर आतिशबाजी की। आतिशबाजी का यह सिलसिला अभी शनिवार को गोवर्धन पूजा तक चलेगा। इसके अलावा बर्तन, सराफा, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक्स आयटम, ऑटोमोबाइल्स, उपहार, कपड़ा, फूलमाला, मूर्तियों में भी करोड़ों का कारोबार होने का अनुमान है। कुल मिलाकर त्योहार पर कारोबार के हर क्षेत्र में करोड़ों की खरीद-बिक्री हुई है।
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देसी घी की मिठाइयों की रही मेवाओं से टक्कर

पिछले कुछ वर्षों में दिवाली पर मेवा की बिक्री का चलन तेजी से बढ़ा है। पहले बहुत कम लोग ही मेवा की खरीदारी करते थे, लेकिन अब मेवा की बिक्री मिठाई से टक्कर लेने लगी है। यही कारण है कि मांग को देखते हुए जिले के मिठाई विक्रेताओं ने भी अपने यहां मेवा के उपहार पैक बिक्री के लिए सजाए। कन्फेक्शनरी की दुकानों पर भी मेवा के पैक की खूब मांग रही। थोक कारोबारियों मानें तो इस साल दिवाली पर करीब 02 करोड़ रुपये की मेवा बिक गई।

लगातार बढ़ रही उपहार देने की परंपरा
दिवाली पर उपहार देने की परंपरा लगातार बढ़ रही है। इस साल भी दिवाली पर कई प्रकार के उपहारों का वितरण किया गया। इसका नतीजा यह है कि शहर ही नहीं, बल्कि जिले भर में उपहारों की दुकानें सजाई गईं। इनमें होम एपलाइंसेज सहित कई प्रकार के आयटम शामिल रहे।

दिवाली पर यह रही कारोबार की स्थिति
-230 करोड़ रुपये लगभग का हुआ कारोबार।
-52 करोड़ रुपये करीब का सराफा बाजार में कारोबार।
-62 करोड़ रुपये करीब का दो व चार पहिया वाहनों का कारोबार।
-22 करोड़ रुपये करीब का बर्तन का कारोबार।
-41 करोड़ रुपये करीब का इलेक्ट्रॉनिक्स व होम एपलाइंसेज का कारोबार।
-20 करोड़ रुपये करीब का उपहार और मिठाई का कारोबार।
-25 करोड़ रुपये करीब का रेडीमेड गारमेंट्स व कपड़ा का कारोबार।
-02 करोड़ रुपये करीब मेवा का कारोबार।
-06 करोड़ रुपये करीब का पटाखा कारोबार।
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