मुरसान, सहपऊ और महौ क्षेत्र के गंभीर रोगों से पीड़ित नवजातों के उपचार के लिए अभिभावकों को जिला अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इन तीनों क्षेत्रों में सीएचसी पर न्यू बोर्न सिक यूनिट (एनबीएसयू) तैयार किया जा जाएगा। इसके संचालन के लिए चिकित्सकों व स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
गंभीर नवजातों के उपचार के लिए एनबीएसयू की आवश्कता होती है। अब तक जिला अस्पताल और चार सीएचसी पर यह सुविधा उपलब्ध है। मुरसान, सहपऊ और महौ क्षेत्र में गंभीर रूप से पीड़ित नवजातों के उपचार के लिए जिला अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं। समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इन तीनों सीएचसी पर दो-दो बैड का एनबीएसयू बनाने का निर्णय लिया है। इनमें जन्म से 42 दिन तक के बच्चों का उपचार किया जाएगा। संचालन के लिए यंत्र स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त हो चुके हैं। अब इन्हें इंस्टॉल किया जाना है। एनबीएसयू के संचालन के लिए चिकित्सकों व स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस संबंध एसीएमओ डॉ. राजीव गुप्ता का कहना है कि तीन सीएचसी पर एनबीएसयू शुरू होना है। इनके संचालन के लिए स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा रहा है।