राष्टीय ग्रामीण आजीजिका मिशन कार्यालय बंद होने पर इंतजार करती महिलाएं।
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ब्लॉक परिसर स्थित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय खुलने का कोई तय समय नहीं है। शनिवार को कार्यालय बंद मिलने पर महिलाएं परेशान होती रहीं। आरोप है कि जब प्रबंधकों को कॉल की तो रात में देर तक काम किए जाने का हवाला दे दिया गया।
गांव वीर नगर से आई सीमा देवी, सीमा पत्नी प्रदीप कुमार, नीतू, सुधा देवी, शालू एवं प्रतिमा देवी शनिवार को ब्लॉक परिसर पहुंची। उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय का कार्यालय बंद मिला। महिलाओं ने बताया कि वह सुबह 10 बजे कार्यालय आ गई थीं। करीब एक घंटे तक कार्यालय नहीं खुला। इस पर महिलाओं ने कार्यालय पर लिखे प्रबंधकों के मोबाइल नंबर पर कॉल की।
एक व्यक्ति ने कॉल उठाई और कहा कि रात में काफी देर तक काम किया है। इसलिए आने में देरी हो रही है। इसके बाद 11:30 बजे फिर से कॉल की तेा जवाब मिला कि एक गांव में बैठक की जा रही है। दोपहर 12:30 बजे तक महिलाओं को कार्यालय खोले जाने का आश्वासन मिलता रहा। एडीओ यतेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ब्लॉक की इमारत मरम्मत का काम चल रहा है। कर्मचारियों की अलमारी एवं सामान इधर-उधर रखा हुआ है। बैठने के लिए भी उचित स्थान नहीं बचा है। मरम्मत होने के बाद सभी लोग ब्लॉक में ही समय से मिलेंगे।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय के कर्मचारियों ने देर रात तक कार्य किया है। वह क्षेत्र के एक गांव में हो रही बैठक में सहभागिता कर रहे हैं। एक कर्मचारी को कार्यालय भेज दिया गया है। - सुरेश कुमार सिंह, बीडीओं सहपऊ
शिकायत मिलने पर बीडीओं को निर्देश दिया गया है। वह मामले की जांच कर मुझे अवगत कराएंगे। - अशोक कुुमार, उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन