असम के जोरहाट में तैनात भारतीय सेना के नायब सूबेदार नरेंद्र सिंह चौधरी का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर बुधवार सुबह उनके पैतृक गांव हाथरस जिले की सादाबाद तहसील स्थित कुरसंडा पहुंचा, तो परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर मौजूद हर शख्स की आँखें नम थीं। सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
नायब सूबेदार नरेंद्र सिंह 402 लाइट एयर डिफेंस रेजिमेंट (गलवान वॉरियर्स) में सेवारत थे। अक्टूबर 2024 में उन्हें हवलदार से पदोन्नत कर नायब सूबेदार बनाया गया था। वर्ष 2017 में उन्होंने हवलदार ऑपरेटर से तकनीकी प्रशिक्षक (TICC) के रूप में चयनित होकर सेना में अपनी विशेष पहचान बनाई थी। कुछ दिनों पहले ड्यूटी के दौरान अचानक सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें जोरहाट के मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। उनके अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। मौके पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
नायब सूबेदार नरेंद्र सिंह सैनिक परिवार से थे। उनके पिता मोहन सिंह चौधरी भी सेना में सेवाएं दे चुके हैं और छोटे भाई दीपक कुमार चौधरी वर्तमान में भारतीय सेना के मेडिकल कोर में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। वे अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र, दो पुत्रियां और माता-पिता को छोड़ गए हैं।