हाथरस के सहपऊ क्षेत्र में भैंस और बंदरों की रहस्यमय बीमारी से मौत हो रही है, जिससे पशुपालकों में दहशत बनी हुई है। कोई इन मौतों का कारण ठंड बता रहा है, तो कोई रहस्मय बीमारी।
सहपऊ क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर में रहस्यमय बीमारी से एक पशुपालक की दो भैंस मर गईं। इससे पशुपालकों में दहशत है। गांव सुल्तानपुर निवासी आशा देवी पत्नी रामगोपाल ने बताया कि दो भैंस एवं उसके एक बच्चे को कमरे में बुधवार की रात आठ बजे अच्छी तरह बांध दिया था। बृहस्पतिवार की सुबह चार बजे जब वह अपनी भैंस को चारा डालने गईं, तो कमरे में दोनों भैंसें मृत मिलीं। पीड़िता ने कोतवाली में देर शाम को तहरीर देकर भैंसों के शवों का पोस्टमार्टम कराने का अनुरोध किया, जिससे उनकी मौत का सही कारण पता चल सके।
वहीं सहपऊ कस्बे में बंदरों की लगातार रहस्यमय मौत हो रही है। इसे लेकर लोगों में चर्चाएं हैं। रोजाना सुबह होते ही किसी न किसी मोहल्ले में एक या दो बंदरों के शव मिल रहे हैं। लोगों में चर्चा है कि कहीं किसी रहस्यमय बीमारी से तो उनकी मौत नहीं हो रही।
कस्बा के समाजसेवी एवं धार्मिक प्रवृत्ति के लोग पिछले बंदरों के शवों को धार्मिक रीति-रिवाज से दफना रहे हैं। रोजाना बंदरों की मौत से कस्बा वासियों में दहशत है। उनका कहना है कि अगर किसी बीमारी से बंदर मर रहे हैं, तो कहीं यह बीमारी इंसानों को भी चपेट में न ले ले। हालांकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. दानवीर का कहना है कि पशुओं की बीमारी आम आदमी में नहीं फैलती, इसलिए किसी को घबराने की आवश्यकता नही है।
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयदेव वर्मा का कहना है कि बंदरो की मौत का कारण ठंड हो सकती है अधिकांश तौर पर बंदरों में कोई बीमारी नही पाई जाती है। पशु एवं आम आदमी की बीमारियों में काफी अंतर होता है, इसलिए लोगों को किसी प्रकार से भयभीत अथवा परेशान होने की आवश्यकता नहीं हैं।