आरोप है कि कारोबारी के साथ खाद के दाम को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें लूटपाट के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। सोनू और देवा को उन्होंने ही पुलिस को सौंपा था, जिन्हें बाद में पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में गिरफ्तार होना दिखा दिया।
हाथरस के मुरसान में फर्जी मुठभेड़ के आरोप में घिरी पुलिस की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। चार दिन पहले पुलिस ने लूट के प्रयास के दो आरोपियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार करने का दावा किया था। इनमें एक आरोपी सोनू के पैर में गोली लगी थी। परिजनों ने मुठभेड़ को फर्जी बताया है और मामला तूल पकड़ रहा है। एसपी ने मुरसान थाने से हटाई गई एसओ ममता सिंह व एंटी थेफ्ट सेल के प्रभारी मुकेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। डीएम ने भी इस प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच बैठा दी है। एसपी ने इस मामले की विवेचना थाना मुरसान से हटाकर हाथरस गेट प्रभारी को सौंपी है।
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उधर, इस मामले में लूटपाट के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले मुरसान के खाद कारोबारी अमित अग्रवाल पर प्रशासन का चाबुक चला है। उसके दो खाद गोदाम सील कर दिए गए हैं। अलीगढ़ में भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल उर्फ लाला के साथ परिजन व ग्रामीण डीआईजी प्रभाकर चौधरी से मिले। इन्होंने मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कराने की मांग की है। इधर, सांसद अनूप प्रधान और एमएलसी ऋषिपाल सिंह ने सोमवार की देर रात आरोपियों के गांव जाकर परिजनों से वार्ता की थी और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
गत 9 अक्तूबर को मुरसान निवासी खाद कारोबारी अमित अग्रवाल ने दो बदमाशों पर घर में घुसकर लूटपाट की कोशिश करने और शोर मचने पर फायरिंग कर भाग जाने का मामला दर्ज कराया था। अगले दिन 10 अक्तूबर को पुलिस ने मुठभेड़ में अलीगढ़ के थाना इगलास क्षेत्र के गांव बढ़ाकलां निवासी सोनू उर्फ ओमवीर और देवा को गिरफ्तार करने का दावा किया था। सोनू के पैर में पुलिस की गोली लगी थी। परिजनों का
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आरोप है कि कारोबारी के साथ खाद के दाम को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें लूटपाट के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। सोनू और देवा को उन्होंने ही पुलिस को सौंपा था, जिन्हें बाद में पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में गिरफ्तार होना दिखा दिया। जिलाधिकारी राहुल पांडेय ने बताया कि घटना की मजिस्ट्रियल जांच एसडीएम सदर को सौंपी गई है। सीओ सदर को भी जांच में उनके साथ लगाया गया है।