हेडिंग-
अवैध संबंध के शक में सगे साढ़ू ने की थी युवक की हत्या
क्रासर
सासनी में हुई हत्या का पुलिस ने 24 घंटे में ही किया खुलासा, दो गिरफ्तार
साथी की मदद से रस्सी से गला घोंटकर उतारा मौत के घाट
शव को डाल दिया कार की डिग्गी में
अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस। अवैध संबंधों के शक में रिश्तों का कत्ल हुआ। कोतवाली हाथरस गेट के गांव अहवरनपुर निवासी युवक की हत्या अवैध संबंधों के शक में उसी के सगे साढ़ू ने की थी। इस युवक की हत्या का 24 घंटे के अंदर सासनी पुलिस ने राजफाश कर दिया है और मृत बबलू के साढ़ू को उसके एक साथी सहित गिरफ्तार कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि गांव अहवरनपुर निवासी बबलू उपाध्याय पुत्र राजेंद्र शर्मा का शव सोमवार को सासनी के इगलास रोड स्थित बाबा भट्टा के पास अपनी ही गाड़ी की डिग्गी में मिला था। पुलिस इस मामले की छानबीन में लग गई थी। 24 घंटे के अंदर ही पुलिस ने पूरे मामले का राजफाश कर दिया। मंगलवार को एसपी सिद्धार्थ शंकर मीणा ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बबलू की शादी तीन साल पहले मोहल्ला रमनपुर की रहने वाली कौशल उपाध्याय से हुई थी। उस पर आठ माह का बेटा भी है। बबलू की बड़ी साली की शादी छह वर्ष पूर्व अजीतपुर निवासी प्रवीण शुक्ला के साथ हुई। प्रवीण करीब तीन साल से बीएलएस स्कूल में बस चलाता है। मृतक बबलू को शक था कि उसकी पत्नी के अवैध संबंध उसके बड़े साढ़ू प्रवीण से हैं। इसी बात को लेकर दोनों में पिछले दिनों मारपीट हुई। आपस में मन मुटाव भी चल रहा था। इसके चलते प्रवीण अपने साढ़ू बबलू से रंजिश मानने लगा। प्रवीण ने अपने साथी राधेश्याम पुत्र दाताराम निवासी अजीतपुर के साथ मिलकर बबूल की हत्या की योजना बनाई। इसी योजना के तहत 30 जून की सुबह प्रवीण ने महौ जाने की बात कहकर बबूल को बुलाया। मेंडू रोड भैरों मंदिर के पास दोनों अभियुक्त बबलू से मिले। यहां से उसकी गाड़ी संख्या यूपी 80 सीजे 7053 में बैठकर हाथरस जंक्शन में ठेके से बीयर खरीदी। तीनों ने बीयर पी और महौ पहुंचे। वहां से लौटकर फिर हाथरस जंक्शन से बीयर खरीदी और मेंडू के पास नई रेलवे लाइन के किनारे जाकर गाड़ी खड़ी कर दी। यहां पर बीयर पीने के बाद बबलू को नशा हो गया। इसी दौरान पीछे की सीट पर बैठे राधेश्याम ने अपनी जेब से रस्सी निकालकर ड्राइवर की सीट पर बैठे बबलू के गले में डाल दी। आगे की सीट पर बैठे बबलू के साढ़ू प्रवीण ने राधेश्याम के साथ मिलकर बबलू की हत्या कर दी और उसके बाद शव को गाड़ी की डिग्गी में रख दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी गाड़ी को सासनी इगलास रोड पर बने बाबा के भट्टे के पास छोड़कर खुद टेंपो में बैठकर वापस घर चले गए। प्रवीण पोस्टमार्टम व दाह संस्कार के दौरान परिजनों के साथ मौजूद रहा, ताकि उस पर किसी का शक न जाए। मुकदमा दर्ज होने बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की और मोबाइल नंबर 9548689969 की सीडीआर के आधार पर दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया। खुलासे के वक्त एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, सीओ सदर रामशब्द यादव मौजूद रहे। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसएचओ शैलेंद्र सिंह, एसआई सुधीर राघव सर्विलांस प्रभारी, एसआई संतोष कुमार, दिनेश कुमार, मनोज कुमार, विजय कुमार, विनय कुमार शामिल थे।