संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ।
कोतवाली के गांव मऊ में बृहस्पतिवार को मारपीट में घायल बच्ची की मौत मामले में मृतका के पिता ने गांव के पिता-पुत्र के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। रिपोर्ट में दुकान से पैसे चोरी करने के आरोप में पीटने की बात कही गई है। वहीं, दूसरी तरफ गांव के पूर्व प्रधान व अन्य ग्रामीण प्रकरण को गलत बताकर रिपोर्ट का विरोध कर रहे हैं। दर्जनों ग्रामीण कोतवाली पर जमा होकर इस रिपोर्ट का विरोध कर रहे हैं।
गांव निवासी विवेक कुमार पुत्र ओमवीर सिंह ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि 18 मार्च को उसकी दो बेटियां काजल व सृष्टि (08) शाम साढ़े छह बजे दूध लेकर घर वापस आ रही थी। इसी दौरान रास्ते में उनका पड़ोसी कैलाश पुत्र रामसहाय अपनी दुकान से पैसा चुराने का आरोप लगाकर सृष्टि को पकड़कर घर में ले गया।
घर में कैलाश, उसके पिता रामसहाय, माता रामवती ने सृष्टि को बुरी तरह से पीटा। पिटाई से उसकी बेटी बेहोश हो गई। इस पर उसकी बड़ी बेटी काजल चिल्लाई तो गांव के कुछ लोग आ गए। जिन्होंने सृष्टि को बचाया। विवेक ने बताया कि बेहोशी की हालत में वे लोग सृष्टि को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इधर, गांव के पूर्व प्रधान संतोष पुण्ढीर, आलोक कुमार भोला भइया, संतोष शर्मा, नरेश प्रताप सिंह समेत दर्जनों लोग कोतवाली पर पहुंच गए। उनका कहना है कि बच्ची की मौत कैलाश के परिवार की पिटाई से नहीं हुई। उसके घर में ही उसे पीटा गया है। उन्होंने सीओ सुरेंद्र सिंह व क्राइम इंस्पेक्टर योगेंद्र सिंह को इससे अवगत कराया। इस मामले में सीओ सुरेंद्र सिंह का कहना है कि मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कोतवाली पुलिस मामले की तह में जाने के लिए छानबीन कर रही है।
गांव मऊ में बालिका की हत्या की रिपोर्ट के विरोध में कोतवाली पर ग्रामीण।- फोटो : SIKANDHRA RAHU