नगर पालिका के लेखा लिपिक पर फर्जी डिग्री लगाकर समायोजन के नाम पर प्रमोशन लेने का आरोप लगा है। पूर्व में हुई जांच में भी प्रमोशन गलत तरीके से दिया जाना पाया गया था, लेकिन अधिकारी मामले को दबाए बैठे रहे। अब इस मामले में की जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है।
प्रकरण वर्तमान में पालिका में तैनात लेखा लिपिक संजय अग्रवाल से जुड़ा है। आरोप है कि संजय अग्रवाल ने बीकॉम. की फर्जी मार्कशीट के जरिये तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष को गुमराह कर दिसंबर 2013 में अपना समायोजन लेखा विभाग में लिपिक पद पर करा लिया। सीधे द्वितीय श्रेणी से प्रथम श्रेणी पद पर उन्हें पदोन्नत कर दिया गया और पद का वेतन व अन्य अनुमन्य भत्ते भी दिए गए, तब से वे इसी पद पर हैं। उनके साथी बाबू नौकरी में पहले से होने के बाद भी अब आकर प्रथम श्रेणी पर पदोन्नत हो पाए हैं।
दरअसल, पदोन्नति में ईआईआईएलएम विश्वविद्यालय की अंकतालिका लगे होने की जानकारी मिलने पर शिकायतकर्ता विद्यासागर शर्मा ने शिक्षा मंत्रालय व सिक्किम सरकार से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी। दोनों ने जवाब दिया कि जो अंकतालिका लगाई गई, उसके एनरॉलमेंट नंबर पर कोई अंकतालिका जारी नहीं की गई। इसके बाद इसकी शिकायत शासन से की गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो पालिका के ही एक लिपिक विद्यासागर शर्मा ने एसपी से शिकायत की, जिसके बाद जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है। शिकायतकर्ता के बयान भी पुलिस ने दर्ज कर लिए हैं।
दो साल पहले मंडलायुक्त ने कराई थी जांच
हाथरस। पालिका के ही एक बाबू विद्यासागर शर्मा ने गलत तरीके से बाबू को पदोन्नत किए जाने की शिकायत 10 जुलाई 2023 मंडलायुक्त, अलीगढ़ और शासन स्तर पर की थी। मंडलायुक्त ने अगस्त 2023 में जांच के आदेश दिए थे। जलकल विभाग के तत्कालीन सहायक अभियंता सोमप्रकाश ने 20 बिंदुओं पर जांच की और शिकायत के तथ्य सही पाए थे।
सहायक अभियंता की जांच में यह तथ्य पाए गए कि द्वितीय श्रेणी लिपिक पद पर विद्यासागर शर्मा की भर्ती वर्ष 1990 की है, जबकि संजय अग्रवाल की नियुक्ति वर्ष 1999 में हुई। समायोजन के आदेश से पहले वरिष्ठता सूची निर्गत नहीं की गई। जांचकर्ता ने पाया कि आदेश समायोजन आदेश न होकर पूर्णत: पदोन्नति आदेश है, जो कि नियमानुसार पदोन्नति की कार्यवाही के उपरांत ही जारी किया जा सकता है। साथ ही लिपिक संजय अग्रवाल की पत्रावली पर ईआईआई एलएम विश्वविद्यालय सिक्किम द्वारा जारी बीकॉम की अंक तालिका लगी है।
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। न ही कोई शिकायत प्राप्त हुई है। यदि कोई पत्रावली है तो उन्हें दिखवा कर जांच कराई जाएगी।
रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका
प्रकरण में जांच चल रही है। बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। अभिलेखीय साक्ष्य के आधार पर जांच चल रही है। जांच पूर्ण होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
योगेंद्र कृष्ण नारायण, सीओ सिटी
मैं जिस दिन से नौकरी पर आया हूं, शिकायतकर्ता मुझसे व्यक्तिगत रूप से द्वेष मानते हैं। मेरा किसी भी प्रकार का इनसे कोई विवाद नहीं है। मेरे सभी दस्तावेज मेरी जानकारी में पूरी तरह से सही हैं।
संजय अग्रवाल, लेखा लिपिक, नगर पालिका।