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Hathras: ताज होटल और शिवाजी एयरपोर्ट को उड़ाने के आरोपी से मुंबई पुलिस व आईबी की पूछताछ, एटीएस कर सकती है जांच

Thu, 30 May 2024 02:37 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

मंबुई पुलिस नियंत्रण कक्ष में 27 मई को करीब 11 बजे एक कॉल पहुंची थी। कॉल करने वाले ने ताज होटल और छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इसके बाद पुलिस ने तत्काल होटल व एयरपोर्ट की तलाशी शुरू कर दी।
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मुंबई पुलिस को धमकी भरा संदेश भेजने का आरोपी रत्नेश - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मुंबई के ताज होटल और छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी का संदेश मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को भेजने के मामले में पुलिस ने 29 मई को दूसरे आरोपी धर्मेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अपने गांव देवर पनाखर के निकट जीटी रोड से कहीं जाने की फिराक में खड़ा था। उसे मुंबई पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। इधर, मुंबई पुलिस और अलीगढ़ आईबी की टीम ने बुधवार को सिकंदराराऊ पहुंचकर मंगलवार को हिरासत में लिए गए आरोपी रत्नेश से काफी देर तक पूछताछ की।

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मंबुई पुलिस नियंत्रण कक्ष में 27 मई को करीब 11 बजे एक कॉल पहुंची थी। कॉल करने वाले ने ताज होटल और छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इसके बाद पुलिस ने तत्काल होटल व एयरपोर्ट की तलाशी शुरू कर दी। पुलिस को चेकिंग के दौरान कुछ नहीं मिला। मुंबई में अज्ञात कॉलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। जिस नंबर से कॉल आई थी, उसका पता किया तो यह नंबर सिकंदराराराऊ क्षेत्र के गांव देवर पनाखर निवासी रत्नेश पुत्र वीरपाल का निकला। मोबाइल की सिम आगरा के लोहामंडी से खरीदी गई थी।

सीओ सिकंदराराऊ डाॅ. आनंद कुमार ने बताया कि मामले का मुख्य आरोपी धर्मेंद्र है। वह गिरफ्तार आरोपी रत्नेश का दोस्त है। पुलिस ने बुधवार को धर्मेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया। अब तक की छानबीन में दोनों में से किसी का भी आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। रत्नेश कासगंज के एक होटल में बावर्ची का काम करता है और धर्मेंद्र पुत्र कुबेर सिंह जीटी रोड स्थित विद्याराम कोल्ड स्टोर में मजदूरी करता है। चूंकि रत्नेश इस हरकत के लिए पूरी तरह धर्मेंद्र को जिम्मेदार ठहरा रहा है, इसलिए अब मुंबई पुलिस और आईबी की टीम दोनों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेंगी।

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दिल्ली के स्कूलों को उड़ाने के ई मेल से प्रभावित होकर भेजा मेसेज

सीओ के मुताबिक रत्नेश ने बताया कि धर्मेंद्र बार-बार दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने के ईमेल की बात का जिक्र करता था। वह उससे प्रभावित था। शायद नाम चमकाने की गरज से उसने यह मेसेज भेजा। पुलिस ने रत्नेश के फोन को कब्जे में ले लिया। रत्नेश ने बताया कि उसके फोन को गांव का ही उसका मित्र धर्मेंद्र पुत्र कुबेर सिंह ले गया था। उसने ही यह मेसेज किया था। रत्नेश से मुंबई के वर्ली थाने के एएसआई प्रशांत भाटी, हेड कांस्टेबल दत्तात्रेय कुमार और विजुले पीसी लगातार पूछताछ कर रहे हैं। मुंबई पुलिस ने मुकदमे में धारा 182, 505,2 बढ़ाई है। अलीगढ़ आईबी कार्यालय के इंस्पेक्टर एके कौशिक अपनी पूरी टीम के साथ कोतवाली आए और काफी देर तक रत्नेश से पूछताछ की।

एटीएस भी कर सकती है जांच
अब तक की छानबीन में बेशक यह हरकत मजाक में की गई लग रही है, लेकिन एटीएस इसे पूरी गंभीरता से ले रही है और जल्द ही जांच करने आ सकती है। लगातार मिल रहे दहशत फैलाने वाले संदेशों ने जांच एजेंसियों का सिरदर्द बढ़ा दिया है।

गांव वाले भी हैं परेशान
गांव में जाकर बात की गई तो ग्रामीणों ने बताया कि दोनों युवक ऐसे हैं, उन्हें जरा भी पता नहीं है। रत्नेश के तो पांव की हड्डी टूटने के बाद वह लाठी के सहारे चलता है। धर्मेंद्र कोल्ड स्टोर में काम पर आता-जाता रहता है। दोनों में कोई भी झगड़ालू किस्म का नहीं है, लेकिन इनकी हरकत से ग्रामीण भी परेशान हैं।
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