सीओ के मुताबिक रत्नेश ने बताया कि धर्मेंद्र बार-बार दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने के ईमेल की बात का जिक्र करता था। वह उससे प्रभावित था। शायद नाम चमकाने की गरज से उसने यह मेसेज भेजा। पुलिस ने रत्नेश के फोन को कब्जे में ले लिया। रत्नेश ने बताया कि उसके फोन को गांव का ही उसका मित्र धर्मेंद्र पुत्र कुबेर सिंह ले गया था। उसने ही यह मेसेज किया था। रत्नेश से मुंबई के वर्ली थाने के एएसआई प्रशांत भाटी, हेड कांस्टेबल दत्तात्रेय कुमार और विजुले पीसी लगातार पूछताछ कर रहे हैं। मुंबई पुलिस ने मुकदमे में धारा 182, 505,2 बढ़ाई है। अलीगढ़ आईबी कार्यालय के इंस्पेक्टर एके कौशिक अपनी पूरी टीम के साथ कोतवाली आए और काफी देर तक रत्नेश से पूछताछ की।
एटीएस भी कर सकती है जांच
अब तक की छानबीन में बेशक यह हरकत मजाक में की गई लग रही है, लेकिन एटीएस इसे पूरी गंभीरता से ले रही है और जल्द ही जांच करने आ सकती है। लगातार मिल रहे दहशत फैलाने वाले संदेशों ने जांच एजेंसियों का सिरदर्द बढ़ा दिया है।
गांव वाले भी हैं परेशान
गांव में जाकर बात की गई तो ग्रामीणों ने बताया कि दोनों युवक ऐसे हैं, उन्हें जरा भी पता नहीं है। रत्नेश के तो पांव की हड्डी टूटने के बाद वह लाठी के सहारे चलता है। धर्मेंद्र कोल्ड स्टोर में काम पर आता-जाता रहता है। दोनों में कोई भी झगड़ालू किस्म का नहीं है, लेकिन इनकी हरकत से ग्रामीण भी परेशान हैं।