हाथरस जिले में शनिवार को हुए मतदान ने अभी तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बीते सालों में ऐसा पहली बार है जब मतदाताओं ने इतना उत्साह दिखाया है। वर्ष 2012 के चुनाव में 61.48 फीसदी लोगों ने वोट डाले थे। तीनों विधानसभाओं में इस बार कुल 64.37 फीसदी वोट पड़े हैं।
अलग-अलग विधानसभाओं की बात करें तो हाथरस विधानसभा में 66, सादाबाद विधानसभा में 66.70 और सिकंदराराऊ विधानसभा में 60.30 प्रतिशत वोटिंग हुई। जबकि पिछले विधानसभा चुनाव (2012) में हाथरस में 59.05, सादाबाद में 60.54 और सिकंदराराऊ में 64.83 प्रतिशत मतदान हुआ था।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार जहां भी मुकाबला कांटे का होता है वहां वोट प्रतिशत बढ़ जाता है। जैसा कि पिछली बार सिकंदराराऊ में सबसे ज्यादा वोट प्रतिशत देखने को मिला था। इस बार वह तीसरे नंबर पर रहा है। सादाबाद में यह प्रतिशत सबसे ज्यादा रहा है।
महिलाओं में दिखा उत्साहः इस बार महिलाओं और बच्चों में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। शहरी इलाकों में पढ़ी-लिखी जागरूक महिलाएं बड़ी संख्या में वोट डालने पहुंची। महिलाएं अपने बच्चों को भी मतदान केंद्र तक ले गईं और उन्हें भी लोकतंत्र के महोत्सव का अहसास कराया। बच्चों में वोट को लेकर काफी उत्साह दिखाई दिया।
गांव पदू में 7.27 बजे तक मतदान
हाथरस (ब्यूरो)। सादाबाद विधानसभा क्षेत्र के पदू प्राथमिक विद्यालय में चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन किया गया। मतदान समाप्ति का समय पूरा होने के बाद भी शाम 7ः27 बजे तक मतदान कराया गया। जोनल मजिस्ट्रेट व सेक्टर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मतदान पूर्ण होने पर ईवीएम को सील कराया गया।
पदू मतदान केंद्र पर कुल 1323 मतदाता थे। जिनमें से 1008 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान केंद्र पर शाम पांच बजे तक लगभग सौ से भी अधिक मतदाताओं की लाइन लगी हुई थी। चुनाव आयोग के निर्देश थे कि यदि निर्धारित समय पर मतदान केंद्र पर जितने भी मतदाताओं की लाइन होगी सभी के मतदान करने के बाद ही ईवीएम सील की जाएंगी। दो घंटे 27 मिनट अधिक समय बीतने के बाद ही सभी मतदाताओं ने जब अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया उसके बाद अधिकारियों की मौजूदगी में ईवीएम सील कराई गईं।
जिन मतदान केंद्रों पर पांच बजे तक जितने भी मतदाताओं की लाइन लगी थी उन्हें वोट डालने दिया गया। चाहें उसके लिए कितना भी समय क्यों न लग जाता। पांच बजे के बाद किसी मतदाताओं को लाइन में लगने नहीं दिया गया था। - अविनाशकृष्ण सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी।