युवा और फर्स्ट टाइम वोटरों ने भी मतदान में भागीदारी करके अपने जोश को दिखाया। अभी तक सभी पार्टियों की हुई चुनावी सभाओं में युवाओं की भी अच्छी खासी भीड़ रही। मतदान के नए अनुभव से फर्स्ट टाइम वोटर खुश दिखे और अपने पसंदीदा प्रत्याशी को वोट किया। मतदान की जब बारी आई तो युवाओं ने भी देश और उत्तर प्रदेश की मजबूती के लिए अपने वोट की चोट से लगाई।
युवाओं ने कहा कि नेता ऐसा हो जो उत्तर प्रदेश में शिक्षा के बाजारीकरण को रोके और शिक्षा सस्ती हो। पढ़ाई के बाद नौकरी नहीं मिलती। हर एजुकेशन सेक्टर व्यवायी बन चुका है। इसलिए सबसे पहले शिक्षा को सस्ता किया जाए। ताकि युवा अपने पैरों पर खड़े होकर देश को प्रगतिशील बनाएं। सरकारी व प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के अवसर बढ़ाने वाली सरकार बने जिससे युवा पढ़ाई लिखाई के बाद रोजगार के लिए इधर, उधर न भटकें। चुनाव में मतदान करने के बाद युवाओं को नेताओं से काफी उम्मीदें हैं।
उत्तर प्रदेश में शिक्षा का व्यापार बना लिया गया है। उत्तर प्रदेश में ऐसी सरकार बने जो शिक्षा को सस्ती करे जिससे कोई गरीब उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। पहली बार वोट डालने का अनुभव अच्छा रहा।
- छाया, हाथरस
अभी तक मतदान केंद्र नहीं देखा था। आज वोट डालकर बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। किसी के कहने से नहीं बल्कि खुद से सभी को तोलकर अपने पसंदीदा प्रत्याशी को वोट किया है।
- संगम, हाथरस
फर्स्ट टाइम वोटर्स में दिखा उत्साह-उमंग
सिकंदराराऊ में पहली बार वोट डालने वाले युवाओं में विशेष उत्साह उमंग नजर आया। ग्रामीण अंचल से लेकर कस्बे के मतदान केंद्रों पर वोट डालने के बाद युवाओं के चेहरे पर चमक नजर आई।
गांव पिपलगवां के मतदान केंद्र पर युवा शुभम चौहान बहुत प्रसन्न था। रंगबिरंगी पगड़ी पहनकर इसने वोट डाला। ग्रामीण अंचल के मतदान केंद्र अगसौली पर पहला वोट डालने आयी अंजली बहुत प्रसन्न थी। उसका कहना था कि हमें भी अपनी मनपसंद सरकार तथा जनप्रतिनिधि चुनने का पूरा हक है। आर्य कन्या इंटर कॉलेज में बने मतदान केंद्र पर नगर के तीन मुसलिम युवा पहली वोट डालने गये। उनसे पूंछा कि कैसा लग रहा है तो उत्तर दिया कि गर्व की अनुभूति हो रही है। हमें अपने मनपसंद को जनप्रतिनिधि चुनने जा रहे हैं जो कि सरकार तक युवाओं की आवाज पहुंचाएगा।
पहली बार दिव्यांग ने डाला वोट
नगर पालिका मतदान केंद्र पर दोनों पांवों से दिव्यांग अनिल पहली बार वोट डालने आए। केन्द्र पर लगे सहायक समूह के युवकों ने उसे मतदान केन्द्र तक पहुंचाया। वोट देकर जीत का दावा करने वाला आंखों से दिव्यांग देवकी ने भी सहारे की मदद से अपना वोट डाला। किसे वोट दिया के सवाल पर देवकी बात टाल गया। यहीं पर जरीना ने भी अपने मत का प्रयोग किया। उसे स्वयंसेवकों ने सहायता देकर अंदर पहुंचाया तथा उससे पूछकर ईवीएम का बटन दबा दिया।