सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि ने बुधवार रात करीब 10:30 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सासनी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी के बारे में पूछा और उनका फोन लगवाया। पता चला कि वह खाना खाने गए हैं। कुछ देर बाद वह अस्पताल पहुंचे तो सांसद ने रसोई खोलने के लिए कहा। रसोई पर लगा ताला नहीं खुल पाया तो नाराजगी व्यक्त की।
सांसद अस्पताल परिसर में जबरदस्त गंदगी देखकर भी भड़के। इसके बाद गर्भवती माताओं एवं प्रसूताओं से मुख्यमंत्री द्वारा चलाई जा रहीं योजनाओं और भोजन सामग्री के बारे में पूछा तो वह कोई सही जानकारी नहीं दे पाईं। अस्पताल में भर्ती तीन महिलाओं ने बताया कि उन्हें खाना नहीं मिल रहा है।
सांसद ने कहा कि सरकार मरीजों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विभिन्न योजनाएं चला रही है, ताकि जरूरतमंदों को इन सेवाओं का भरपूर लाभ मिले, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है।इधर, एमओआईसी डेढ़ घंटे बाद पहुंचे। गुस्साए सांसद ने सीएमओ को खामियों से अवगत कराया।
कहा कि अगर उनके स्तर से कार्रवाई नहीं हुई तो वह स्वास्थ्य मंत्री को इससे अवगत कराएंगे। खामियों की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजेंगे। इस मौके पर डॉ. अनंत एवं फार्मासिस्ट ड्यूटी पर मिले। सांसद अनूप प्रधान का कहना है कि सीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि एमओआईसी को तत्काल हटाया जाए।