यमुना एक्सप्रेसवे के पुल के प्वाइंट 48 पर बृहस्पतिवार की रात चलती कार में अचानक आग लग गई। आग का गोला बन रही कार का दरवाजा तोड़कर पुलिस कर्मियों ने दंपती सहित उनके दो छोटे बच्चों को बाहर निकाला। चारों झुलस गए हैं, जिन्हें परिजन इलाज के लिए नोएडा के एक अस्पताल में ले गए हैं। हादसे से कुछ देर के लिए हाईवे पर यातायात भी बाधित रहा।
टप्पल थाना पुलिस के अनुसार आगरा जनपद के बाह निवासी लोकेश्वर अपनी पत्नी मोहनी (30 ) और दो बच्चों कशिश व खुशी के साथ कार से दिल्ली की ओर से मथुरा जा रहे थे। बृहस्पतिवार की रात करीब डेढ़ बजे एक्सप्रेसवे पुल के प्वाइंट 48 पर पहुंचे तभी कार की डिग्गी से चिंगारियां निकलने लगीं।
आग तेजी से फैली जिससे अंदर बैठे लोग दरवाजा खोलकर बाहर नहीं निकल पा रहे थे। देखते ही देखते कार आग के गोले में बदलने लगी।चीख-पुकार सुनकर पहुंचे पीआरवी 112 के पुलिसकर्मियों ने कार का दरवाजा तोड़कर चारों को लपटों के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला। सभी के शरीर के कुछ हिस्से आग की लपटों से झुलस गए थे। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टप्पल ले जाया गया।
वहां से प्राथमिक उपचार के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ रेफर किया गया लेकिन खबर पाकर पहुंचे परिजन नोएडा के एक निजी अस्पताल में ले गए हैं। घायलों में मोहनी और बच्चे ज्यादा झुलसे हैं, जिनमें मोहिनी की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
इस हादसे से एक्सप्रेसवे पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा और कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ। थाना पुलिस ने क्रेन की मदद से जली हुई कार को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू कराया। टप्पल पुलिस प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात कह रही है, हालांकि तकनीकी जांच के बाद सही कारण पता लगने की बात कही जा रही है।