अनिल कुमार की शादी पांच वर्ष पूर्व कमलेश के साथ हुई थी। जिसकी एक तीन वर्षीय पुत्री मन्नू कुमारी है। आठ दिन पहले बेटा हुआ है। अनिल कुमार राजस्थान की एक नमकीन फैक्ट्री में सुपरवाइजर का काम करता था। वह अपने गांव में रक्षाबंधन की छुट्टी बिताने आया था
हसायन के गांव बस्तोई में 9 अगस्त रात मां ओमवती (55) और उनके बेटे अनिल (32) की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। ओमवती मानसिक रूप से परेशान थीं और शनिवार रात घर से निकल गई थी। पीछे-पीछे बेटा भी उनकी तलाश में गया था। पुलिस मां को ट्रेन से बचाने की कोशिश में उसके भी ट्रेन की चपेट में आने का अनुमान लगा रही है।
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ओमवती गांव बस्तोई निवासी दुर्गपाल सिंह की पत्नी थीं। 10 अगस्त सुबह गांव के पास ट्रैक पर सिकंदराराऊ की ओर जा रहे लोगों ने शवों को देखा और दोनों की पहचान की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अछनेरा से कासगंज जाने वाली फास्ट पैसेंजर गाड़ी में शवों को रखकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। गांव में घटना की जानकारी होने पर दुर्गपाल सिंह के घर पर लोग पहुंच गए। दुर्गपाल सिंह के दो बेटों में अनिल सबसे बड़ा था। घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों ने बताया कि आठ- दस दिन से ओमवती मानसिक तौर पर बीमार हो गई थी। वह घर से निकल जाती थी और अचानक दौड़ पड़ती थी। शनिवार की शाम को वह कहीं निकल गई, उन्हें देखने के लिए अनिल भी शाम को ही चला गया।
आठ दिन पहले हुआ था अनिल के हुआ बेटा
अनिल कुमार की शादी पांच वर्ष पूर्व कमलेश के साथ हुई थी। उसके एक तीन वर्षीय पुत्री मन्नू कुमारी है, आठ दिन पहले बेटा हुआ है। अनिल कुमार राजस्थान की एक नमकीन फैक्ट्री में सुपरवाइजर का काम करते थे और रक्षाबंधन की छुट्टी में गांव आए थे। वह अपनी बहन को भी बुला कर लाया था और राखी बंधवाई थी ।
रेलवे से मेमो मिला था। शनिवार को मृतक महिला अपने घर से निकल आई थी। पीछे-पीछे लड़का घर से देखने निकला था। संभवत मां को बचाने में मां-बेटे दोनों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई।-जेएन अस्थाना, सीओ सिकंदराराऊ।