योगेश कुमार सारस्वत ने आरोप लगाया है कि वह गांव में भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन करते हैं। कांस्टेबल गजेंद्र यादव पिछले वर्ष अक्तूबर में उनके जनसेवा केंद्र पर आया और दुकान पर बैठे भतीजे मोहित चौहान से धोखाधड़ी कर पेटीएम के माध्यम से दो बार में 30 हजार रुपये अपने खाते में डलवा लिए और चकमा देकर भाग गया।
गांव कोटा निवासी एक जनसेवा केंद्र के संचालक को चकमा देकर एक कांस्टेबल 30 हजार रुपये ले गया। दुकानदार ने आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
विज्ञापन
योगेश कुमार सारस्वत निवासी कोटा का कहना है कि वह गांव में भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन करते हैं। कांस्टेबल गजेंद्र यादव पिछले वर्ष अक्तूबर में उनके जनसेवा केंद्र पर आया और दुकान पर बैठे भतीजे मोहित चौहान से धोखाधड़ी कर पेटीएम के माध्यम से दो बार में 30 हजार रुपये अपने खाते में डलवा लिए और चकमा देकर भाग गया। इसकी शिकायत मुरसान कोतवाली में की गई तो आरोपी थाने से गैरहाजिर हो गया और फोन उठाना बंद कर दिया।
इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई तो उन्होंने आरोपी के खिलाफ जांच कराई गई। जांच के दौरान आरोपी ने 10 हजार रुपये वापस कर दिए। जांच के बाद आरोपी को निलंबित कर दिया गया। योगेश का कहना है कि आरोपी ने जांच के बाद में उन्हें रुपये नहीं दिए हैं। बता दें कि कांस्टेबल होमगार्ड ओमवीर सिंह से भी अपने पिता की बीमारी के नाम पर 70 हजार रुपये उधार ले चुका है। रुपये वापस न करने पर ओमवीर ने भी गजेंद्र के खिलाफ मुरसान कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।