जिले की कानून व्यवस्था को हाईटेक और आधुनिक बनाने की दिशा में पुलिस महकमे ने एक बड़ा कदम उठाया है। हाथरस शहर की ऐतिहासिक कोतवाली और महिला थाने के दिन अब जल्द ही बहुरने वाले हैं। करीब 14.50 करोड़ रुपये की लागत से शहर कोतवाली को मॉडल कोतवाली के रूप में विकसित किया जाएगा, साथ ही महिला थाने का भी नवनिर्माण होगा। इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा शासन को विस्तृत प्रस्ताव भेज दिया गया है।
अंग्रेजों के जमाने की इमारत
कोतवाली सदर वर्तमान में अंग्रेजों के जमाने की पुरानी इमारत में संचालित हो रही है। लंबे समय से मरम्मत न होने और पुराना ढांचा होने के कारण कोतवाली परिसर के कई भवन अब निष्प्रयोज्य घोषित हो चुके हैं। जर्जर दीवारों और टपकती छतों के बीच पुलिसकर्मियों को कार्य करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क से नीचे होने के कारण आए दिन नाले का पानी कोतवाली परिसर में जमा हो जाता है। अब अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नया भवन तैयार किया जाएगा।
फरियादियों के लिए होगी बैठक
मॉडल कोतवाली में फरियादियों के लिए बेहतर बैठक होगी। डिजिटल रिकॉर्ड रूम, आधुनिक कार्यालय और पुलिसकर्मियों के लिए उच्च स्तरीय बैरक व मैस की सुविधा होगी। इसके सामने स्थित महिला थाने को भी नए सिरे से तैयार किया जाएगा। यह थाना अब तक पुराने महिला अस्पताल की जगह पर चल रहा है, जहां पहले कंट्रोल रूम हुआ करता था।
निष्प्रयोज्य भवन की होगी नीलामी
अब निष्प्रयोज्य भवन के धवस्तीकरण व नीलामी के लिए लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। सदर कोतवाली के मॉडल कोतवाली के रूप में परिवर्तित होने पर न केवल पुलिसिंग बेहतर होगी, बल्कि शहर के सुंदरीकरण में भी इजाफा होगा। शासन स्तर पर जल्द ही इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद कार्यदायी संस्था नामित होगी।
शहर कोतवाली को मॉडल कोतवाली के रूप में विकसित किया जा रहा है। महिला थाना के भवन का भी निर्माण कराया जाएगा, जिससे यहां सुविधाएं बढ़ाई जा सकेंगी। लगभग 14.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी।
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