जिले में चोटी कटने के मामले अभी भी सामने आ रहे हैं। रविवार को सिकंदराराऊ, सासनी और चंदपा और हाथरस में चोटी कटने के चार मामले आए। चोटी कटने के बाद बेहोश हुई महिलाओं और युवतियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच चोटी कटने की लोगों ने अफवाह फैलाना भी शुरू कर दिया है। गांवों में लोग टोने टोटके का सहारा लेने लगे हैं।
चंदपा क्षेत्र के गांव झींगुरा में 55 वर्षीय नेमवती पत्नी रघुवीर की चोटी शनिवार रात सोने के दौरान कट गई। हैरत की बात यह रही कि अभी तक चोटी कटने के सभी मामलों में कटी हुई चोटी महिला के पास ही कहीं मिली है, लेकिन नेमवती की कटी चोटी काफी खोजबीन के बाद कहीं नहीं मिली। चोटी कटने की बात पता चलने पर शनिवार रात ही नेमवती की हालत बिगड़ने लगी थी। परिजनों ने उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। सासनी क्षेत्र के गांव बांधनू के राजकुमार की 22 वर्षीय पु़त्री शबनम कुमारी जब रविवार सुबह नींद से जागीं तो उन्हें अपनी चोटी कटी हुई मिली। परिजन ही नहीं चोटी कटने से बीए की छात्रा भी हैरान रह गई।
वहीं कई लोग चोटी कटने की अफवाह फैलाने की कोशिश में भी जुटे हुए हैं। सहपऊ में भी चोटी कटने की बात अफवाह निकली। वहीं सादाबाद में एक शख्स ने अपनी दाढ़ी कटने की बात कहकर सभी को हैरत में डाल दिया। बाद में लोगों के पूछने पर उसने कह दिया कि वह मजाक कर रहा था। कोतवाली सिकंदराराऊ के गांव डंडेसरी में शनिवार की अर्धरात्रि एक 17 वर्षीय लड़की की रहस्यमय रूप से चोटी कटने से गांव में दहशत फैल गई। गांव निवासी बालिका कु. तान्या राघव अपनी ननिहाल में रहती है।
रात्रि में अपनी वो अपनी मां और छोटे भाई के मध्य चारपाई पर सो रही थी। रात्रि लगभग 12 बजे उसे घबराहट हुई। उठी तो पाया कि उसकी चोटी का बड़ा हिस्सा चारपाई के नीचे कटा पड़ा था। यह मंजर देखकर वह चीख पड़ी और बेहोश हो गई। एक दिन पूर्व गांव कपसिया में चोटी कटने की घटना हुई थी। गांव-गांव में चोटी काट कांड से तरह-तरह की चर्चाओं का दौरा चल पड़ा है। कोई लड़कियों को ताबीज पहना रहा है तो कोई ओझा गुनिया से झाड़-फूंक कर घरों को किलवा रहा है। उधर, थाना हाथरस गेट क्षेत्र के गांव नगला मोठा में नीतू पत्नी अशोक ने भी चोटी कटने की शिकायत की। नीतू की मानें तो वह दोपहर के वक्त कपड़े सुखा रही थी। तभी अचानक उनके सिर में दर्द हुआ और वह चक्कर खाकर गिर पड़ीं।
होश में आईं तो उनकी चोट कटी हुई थी। इस घटना से परिजन दहशत में हैं।