आदेशों की अनदेखी करने पर न्यायालय में सीओ सादबाद के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज किया गया है। छह महीने पुराने सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी डाली गई थी, जिस पर न्यायालय ने सीओ सादाबाद से रिपोर्ट मांगी थी। कई बार नोटिस जाने के बाद भी रिपोर्ट प्रेषित नहीं की गई। इसी मामले में उक्त कार्रवाई हुई है।
घटना तीन जुलाई 2025 की है। सहपऊ के गांव नगला कली में विवाहिता की उसके ही पति आदित्य निवासी कासगंज ने चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी थी। आरोप था कि पत्नी उसे छोड़कर अपने प्रेमी के साथ रिश्तेदारी में रह रही थी। आदित्य अपने दोस्तों के साथ गांव नगला कली पहुंचा था, जहां विवाद के दौरान उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। इस दौरान हुई मारपीट में आदित्य का दोस्त अमन निवासी नदरई कासगंज की भी मौत हो गई थी। इस प्रकरण में विवाहिता के पिता ने आदित्य और उसके दोस्तों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मृतक अमन के भाई राहुल ने बताया कि उनकी ओर से पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। इस पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली थी। बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत आवेदन करने पर सीजेएम कोर्ट ने सहपऊ पुलिस से आख्या मांगी थी। जवाब न आने पर 14 अक्तूबर को सीओ सादाबाद को जांच कर आख्या देने के लिए निर्देशित किया था। पांच बार नोटिस जारी होने पर भी आख्या न आने पर सीजेएम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए क्षेत्राधिकारी के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है। पुलिस अधीक्षक को इसकी सूचना देते हुए प्रकरण में स्वयं प्रारंभिक जांच कर आख्या 28 जनवरी तक देने के लिए निर्देशित किया है।