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शिक्षामित्रों ने रोका मंत्रियों का काफिला वापस जाओ-वापस जाओ के नारे लगाए

Thu, 07 Sep 2017 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस। 
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घेराव - फोटो : Amar Ujala
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समायोजित शिक्षामित्र एसोसिएशन के तत्वावधान में शिक्षामित्रों ने 10 हजार रुपये प्रतिमाह का मानदेय दिए जाने के सरकार के शासनादेश का गुरुवार को फिर पुरजोर विरोध किया। बड़ी संख्या में शिक्षामित्र एसोसिएशन के नेता बृजेश वशिष्ठ एवं राजेंद्र सिंह पचहरा के नेतृत्व में प्रभारी मंत्री उपेंद्र तिवारी एवं कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के आगमन की जानकारी होने पर लोक निर्माण विभाग के अतिथिगृह पहुंच गए और धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों ने इस दौरान मंत्रियों की उपस्थिति में शासनोदशों की प्रतियां जलाईं और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षामित्रों ने इस दौरान मंत्रियों के वाहनों को भी अतिथिगृह के अंदर नहीं जाने दिया और रोड जाम कर दिया। 
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श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने शिक्षामित्रों के बीच पहुंचकर शिक्षामित्रों को संबोधित किया। उन्होंने शिक्षामित्रों से कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आपकी समस्याओं को लेकर गंभीर हैं। केंद्र सरकार ने पहले ही शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये मासिक का मानदेय दिए जाने का शासनादेश जारी कर दिया है। शिक्षामित्रों को नियमित रूप से मानदेय मिल सके, इसके लिए यह प्रदेश सरकार ने भी शासनादेश जारी किया गया है। जैसे ही मंत्री ने माइक छोड़ा, शिक्षामित्रों ने मंत्री जी वापस जाओ, के नारे लगाते हुए इसका विरोध दर्ज कराया।

इसके बाद शिक्षामित्रों ने प्रभारी मंत्री उपेंद्र तिवारी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। शिक्षामित्र नेताओं ने आंदोलन जारी रखते हुए सुबह 10 बजे फिर नगर पालिका परिसर में एकत्रित होने का आह्वान किया। शिक्षामित्र नेताओं ने कहा कि सरकार टीईटी के नाम पर शिक्षमित्रों को उलझाना चाहती है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में प्रमुख रूप से बृजेश वशिष्ठ, राजेंद्र सिंह पचहरा, मूलचंद्र माहौर, संगीता शर्मा, राजबहादुर सिंह, शिव कुमार, पुनीत अग्निहोत्री, सुनीता बघेल, दीपेश कुमार, प्रमोद सेंगर, मुकेश सेंगर, विजय कुमार सिंह, कृष्णकांत दुवे, हरी मोहन पाठक, अजय शर्मा आदि प्रमुख थे।
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