समायोजन रद्द होने के विरोध में संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा शिक्षामित्रों का आंदोलन मंगलवार को उग्र हो गया। मंगलवार को छात्र संवाद सम्मान समारोह में शामिल होने आईं समाज कल्याण राज्यमंत्री गुलाबो देवी के कार्यक्रम के बीच बड़ी संख्या में शिक्षामित्र पहुंच गए।
उनकी उग्र नारेबाजी आैर प्रदर्शन को देखकर राज्यमंत्री को कार्यक्रम छोड़कर उनके बीच जाना पड़ा। शिक्ष्ाामित्रों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। राज्यमंत्री ने उन्हें समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
इसके साथ ही दिन में शिक्षामित्रों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रदेश सरकार से हुई वार्ता के बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया गया। सरकार ने 15 दिन में इस समस्या कोई हल निकाले जाने का आश्वासन दिया है। लिहाजा बुधवार से सभी शिक्षामित्र अब अपने अपने विद्यालय में पहुंचकर शिक्षण कार्य करेंगे। इससे पूर्व शिक्षामित्रों ने शहर में नारेबाजी के बीच जुलूस भी निकाला।
संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से शिक्षामित्र नेता बृजेश वशिष्ठ, राजेंद्र सिंह पचहरा और सुरेंद्र सिंह यादव ने संयुक्त रूप से शिक्षामित्रों के आंदोलन का नेतृत्व किया। समाज कल्याण राज्य मंत्री ने शिक्षामित्रों का ज्ञापन लेने के बाद सरकार की ओर से उचित कार्रवाई कराने का भरोसा भी दिलाया।
इस दौरान कार्यक्रम छोड़कर राज्यमंत्री गुलाबो देवी के साथ सदर विधायक हरीशंकर माहौर एवं सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राना भी शिक्षामित्रों से मिलने पहुंच गए। आंदोलन में शामिल होने वाले शिक्षामित्रों में प्रमुख रूप से महेश यादव संघर्षी, इरफान खान, विनय भारद्वाज, संगीता शर्मा, मूलचंद माहौर, गिरीश सेंगर, सोनल उपाध्याय, अवधेश शर्मा, अजय शर्मा, रामजीलाल आदि थे।