तहसील क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों की मिनी खेल स्टेडियम की मांग जल्द ही पूरी हो सकती है। स्टेडियम बनाने के लिए तहसील प्रशासन ने गांव लोधई में करीब 10 बीघा भूमि चिह्नित कर ली है। इसका प्रस्ताव भी डीएम को भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि सादाबाद तहसील क्षेत्र में कोई भी खेल का मैदान न होने से प्रतिभाओं को खेलों का अभ्यास करने में असुविधा होती है। स्टेडियम के अभाव में खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पा रहा। तहसील क्षेत्र में ऐसा कोई भी खेल मैदान नहीं है, जहां खिलाड़ी सुबह-शाम अभ्यास कर अपनी प्रतिभा को निखार सकें। स्टेडियम न होने से सादाबाद क्षेत्र के युवा सड़कों पर दौड़ लगाने को मजबूर हैं।
सेना और पुलिस में भर्ती के लिए युवाओं को सुबह और शाम को नगर व क्षेत्र के हाइवे व ग्रामीण इलाकों की कच्ची पक्की सड़कों पर दौड़कर तैयारी करनी पड़ रही है। युवाओं को या तो खेतों में खेलना पड़ रहा है या फिर गली-मोहल्लों में। स्टेडियम के अभाव में प्रतिभाएं कुंठित हो रही हैं। कुछ दिनों पहले सादाबाद के ओमवीर सिंह, अजरूद्दीन, प्रीतिपाल, अमित, अपर्णा, निहारिका सहित कई युवा खिलाड़ियों ने विधायक गुड्डू चौधरी के अलावा डीएम के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था।
अमर उजाला ने भी खिलाड़ियों की इस समस्या की खबर छह फरवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी, जिसके बाद तहसील प्रशासन हरकत में आया और मिनी स्टेडियम बनवाने के लिए भूमि की तलाश शुरू की गई। एसडीएम संजय सिंह ने बताया कि गांव लोधई में गाटा नंबर 670 में 0.8370 हेक्टेयर जमीन को स्टेडियम के लिए चिह्नित किया गया है। मनरेगा के तहत यहां मिनी खेल स्टेडियम बनाए जाने के लिए जिला स्तर पर प्रस्ताव भेज दिया गया है।
सबसे अधिक युवा सेना में भर्ती होकर कर रहे देश सेवा
गौर करने वाली बात है कि जिले में सादाबाद तहसील क्षेत्र के सबसे अधिक युवा सेना में भर्ती होकर देश सेवा कर रहे हैं। काफी युवा पुलिस विभाग में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यहां साल भर युवा सेना व सैन्य बलों में भर्ती के लिए तैयारी करते रहते हैं।