जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में बसपा की हार को पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने जनता की भावनाओं से खिलवाड़ बताया है। उन्होंने दावा किया है कि एक वर्ष बाद फिर से जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर बसपा की कब्जा होगा।
अपने आवास पर पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री और सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय ने कहा कि कुछ जिला पंचायत सदस्यों ने जनता की भावनाओं की तिलांजलि देकर धनबल के आगे अपना ईमान बेच दिया है।
इसी के कारण अध्यक्ष पद के प्रत्याशी उनके भाई रामेश्वर उपाध्याय को सिर्फ एक वोट से हार मिली है। जिन जिला पंचायत सदस्यों ने बसपा के साथ गद्दारी की है, उनको जनता आने वाले समय में खुद जवाब देगी। उन्होंने कहा कि जिले में सपा की कोई हैसियत नहीं। विधानसभा चुनाव में सपा सिकंदराराऊ में तीसरे और सादाबाद में चौथे स्थान पर रही है। जिला पंचायत में भी उसके मात्र चार सदस्य हैं। वह बोले कि जिला पंचायत सदस्यों की खरीद-फरोख्त से कुछ नहीं होने वाला। आगामी चुनाव में विरोधियों को फिर से अपनी जमानत बचाना भी मुश्किल हो जाएगा।
जनता ने जिला पंचायत में बसपा और उपाध्याय परिवार को बहुमत दिया था और बसपा के 14 जिला पंचायत सदस्य जीते थे, जबकि चार सदस्य मामूली अंतर से हार गए थे, जिससे साफ है कि जनाधार तो अब भी बसपा के साथ है। उन्होंने कहा कि चाहे श्रीदाऊजी महाराज मेला हो या फिर अन्य कोई विकास कार्य, बसपा के सिवाय अन्य किसी भी दल ने कोई विकास कार्य नहीं कराया। आने वाले समय में भी विरोधियों की मंशा क्षेत्र का विकास कराने की नहीं, बल्कि जनता की आंखों में धूल झोंककर राजनीतिक रोटी सेंकने की है। पत्रकार वार्ता में जिपं अध्यक्ष प्रत्याशी रहे रामेश्वर उपाध्याय, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय बृजमोहन राही मौजूद थे।