मंडी समिति में खड़े धान से लदे वाहन। संवाद
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कृषि उत्पादन मंडी समिति में धान की बंपर आवक से हालात बेकाबू हो गए हैं। मंडी परिसर में जगह पूरी तरह खत्म हो गई है। इस कारण मंडी प्रशासन को बुधवार को कृषि उत्पादों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने की घोषणा करनी पड़ी है।
सोमवार देर रात लगभग 11 बजे ही मंडी परिसर धान से पूरी तरह फुल हो गया। फड़ों पर उपज रखने के लिए तिल भर भी जगह नहीं बची। परिसर के भीतर ट्रैक्टर-ट्रॉली की लंबी कतारें लगने से जाम की स्थिति बन गई। हालांकि सड़क पर यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए ट्रैक्टरों को एक लाइन में खड़ा कराया गया।
खाली ट्रैक्टरों को बाहर निकालने के बाद ही नए वाहनों को प्रवेश दिया गया। इस कारण दूर-दराज से आए किसानों को अपनी बारी के लिए आठ से 10 घंटे तक लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
55 हजार क्विंटल आवक से लड़खड़ाई व्यवस्था
मंडी में एक ही दिन में करीब 55 हजार क्विंटल धान की आवक दर्ज की गई। इतनी बड़ी मात्रा में धान पहुंचने से व्यापारियों और मंडी प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आवक के मुकाबले ट्रकों के जरिये माल का समय से उठान न हो पाने के कारण मंडी में जगह पूरी तरह खत्म हो गई।
सचिव ने जारी की सूचना
कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव अनिल कुमार ने बताया कि मंगलवार को धान की अत्यधिक आवक के चलते मंडी स्थल पूरी तरह भर गया, जिससे ट्रकों की लोडिंग और माल का उठान नहीं हो पा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए बुधवार को मंडी में बिक्री के लिए लाए जाने वाले धान व अन्य कृषि उत्पादों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। मंडी परिसर को खाली कराने और व्यवस्था सुचारू करने के बाद बृहस्पतिवार से मंडी का संचालन पुनः शुरू कर दिया जाएगा।