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Hathras News: वाहनों का मैन्युअल फिटनेस सेंटर बंद, तो क्या फिटनेस के लिए स्कूली वाहन ट्रक में लेकर जाएं आगरा

Mon, 09 Mar 2026 01:14 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

इस तरह की समस्या केवल हाथरस में ही नहीं, बल्कि अलीगढ़ सहित प्रदेश के कई जिलों में सामने आ रही है, जहां ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर शुरू न होने से वाहन मालिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है, लेकिन इसे लेकर किसी प्रकार की कोई राहत नहीं दी जा रही।
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बंद पड़ा निर्माणाधीन ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हाथरस जिले में स्कूली वाहनों की फिटनेस को लेकर स्कूल संचालक और वाहन मालिक बड़ी परेशानी से जूझ रहे हैं। करीब दो माह पहले वाहनों की मैन्युअल फिटनेस प्रक्रिया पूरी तरह बंद कर दी गई, जबकि जिले में अब तक ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर सुचारू रूप से शुरू नहीं हो सका है।

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ऐसी स्थिति में स्कूली वाहन संचालकों को फिटनेस कराने के लिए आगरा या टूंडला जाने की सलाह दी जा रही है, लेकिन अधिकांश स्कूली वाहनों के पास जिला परमिट होने के कारण संचालक उन्हें दूसरे जिले में ले जाने से कतरा रहे हैं। उन्हें डर है कि रास्ते में वाहन सीज भी हो सकता है। उधर, कासगंज में हाल ही में एक स्कूली बच्ची की मौत के मामले के बाद परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। जिले के करीब 105 स्कूली वाहनों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और बिना फिटनेस के संचालन मिलने पर मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी भी दी जा रही है। स्कूल संचालकों का कहना है कि जब जिले में ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर अभी तक पूरी तरह चालू नहीं हुआ है, तो ऐसे में वाहनों की फिटनेस कैसे कराई जाए। आगरा या टूंडला तक वाहन ले जाना उनके लिए समय और खर्च दोनों के लिहाज से मुश्किल है।

हमने प्रमुख सचिव तक को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक उस पत्र का जवाब तक नहीं आया है। अगर फिटनेस सेंटर नहीं है, इससें स्कूल संचालकों का क्या दोष है, अनावश्यक कार्रवाई किया जाना सही नहीं है। इस समस्या का तत्काल निस्तारण किया जाना चाहिए।- अमृत पाल सिंह, सचिव, सीबीएसई स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन, हाथरस।
स्कूल संचालक किस तरह फिटनेस कराएं इसका रास्ता सरकारी महकमा बता दे बस। स्कूली वाहनों का परमिट जिले का होता है, फिटनेस के लिए जनपद से बाहर वाहन कैसे ले जाया जाए, क्या वाहन को ट्रक में लोड कर ले जाया जाएगा। अगर रिस्क के साथ वाहन भेजा भी जाए तो इसमें प्रयोग होने वाले समय व खर्च को कैसे मैनेज किया जाए, समस्या गम्भीर है, निस्तारण होना चाहिए।-रजनेश कुमार, उप सचिव, सीबीएसई स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन, हाथरस।

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फिटनेस सेंटर का संचालन होना केंद्र सरकार की बात है। समस्या को लेकर हमने भी मुख्यालय को पत्र लिखा है, हम भी कोशिश में लगे हैं। हमारे लिए अपने नियमों का पालन कराया जाना आवश्यक है। इसलिए ही नोटिस जारी किए जाने की कार्रवाई की जा रही है। मुकद्दमा दर्ज कराने जैसी कोई बात नहीं है।- राहुल शर्मा, आरआई, संभागीय परिवहन विभाग, हाथरस।

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सीबीएसई स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के प्रयास भी असफल
सीबीएसई स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन की ओर से इस समस्या को लेकर प्रमुख सचिव को पत्र भी भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। संचालकों का कहना है कि जब तक निजी ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर पूरी तरह शुरू नहीं हो जाता, तब तक पहले की तरह मैन्युअल तरीके से वाहनों की फिटनेस कराने की अनुमति दी जानी चाहिए।

प्रदेश के कई जिलों में है समस्या
इस तरह की समस्या केवल हाथरस में ही नहीं, बल्कि अलीगढ़ सहित प्रदेश के कई जिलों में सामने आ रही है, जहां ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर शुरू न होने से वाहन मालिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है, लेकिन इसे लेकर किसी प्रकार की कोई राहत नहीं दी जा रही। सरकारी अधिकारी अपने नियमों से कार्रवाई कर रहे हैं, वाहन संचालकों की स्थिति को कोई समझ नहीं रहा है।
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