आंधी के बाद मंडियों में गिरे हुए कच्चे आमों के ढेर लग गए, जहां अमिया की थोक बिक्री मात्र पांच से 10 रुपये प्रति किलो के भाव से हुई। इससे बाग मालिकों और ठेके पर बाग लेने वाले किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
सिकंदराराऊ क्षेत्र में बुधवार और बृहस्पतिवार की रात आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने क्षेत्र में आम के बागों पर कहर बरपाया है। तेज हवाओं और ओलों के कारण हजारों एकड़ में फैले आम के बागों से टनों कच्चे आम टूटकर जमीन पर गिर गए।
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चौसा, लंगड़ा, दशहरी, कलमी, मुंबइया, आम्रपाली और देसी सहित विभिन्न प्रजातियों के आम, जो करीब 10 दिन बाद पकने की स्थिति में थे, समय से पहले ही झड़ गए। आंधी के बाद मंडियों में गिरे हुए कच्चे आमों के ढेर लग गए, जहां अमिया की थोक बिक्री मात्र पांच से 10 रुपये प्रति किलो के भाव से हुई। इससे बाग मालिकों और ठेके पर बाग लेने वाले किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
बाग मालिक इकराम कुरैशी ने बताया कि इस वर्ष पहले बौर अच्छी आई थी, लेकिन बीमारियों, चेपा, फंगस और झुलसा के कारण अधिकांश फसल प्रभावित हो गई। जो आम पेड़ों पर बचे थे, उन्हें आंधी और ओलों ने नुकसान पहुंचा दिया। बाग मालिक नितिन पुंढीर ने कहा कि ओलों की चोट से पेड़ों पर बचे आम भी दागदार हो गए हैं। आशंका है कि मौसम में लगातार बदलाव के कारण उनमें सड़न और अन्य बीमारियां लग सकती हैं। किसानों का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।