न्यायालय विशेष पॉक्सो कोर्ट (प्रथम) ने 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ दिल्ली ले जाकर दुष्कर्म करने के मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश निर्भय नारायण राय ने सबूत व गवाह के आधार पर आरोपी नीरज गुप्ता को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
घटना तीन मार्च 2023 की है। हाथरस के चंदपा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 10वीं कक्षा की छात्रा सुबह करीब 7:30 बजे परीक्षा देने के लिए घर से स्कूल गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। पिता ने चार मार्च 2023 को चंदपा थाने में अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने छह मार्च को किशोरी को खोज लिया था। पुलिस ने नीरज गुप्ता निवासी अचलगंज, उन्नाव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की छानबीन में सामने आया कि छात्रा को खालिद ट्रेन से मथुरा ले गया था और फिर वहां से दिल्ली ले गया। पांच मार्च 2023 को दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर उसे नीरज गुप्ता मिला।
नीरज ने पहले उसे अपना फोन इस्तेमाल करने दिया और फिर बहला-फुसलाकर उसे अपने कमरे पर ले गया। वहां आरोपी ने नाबालिग के हाथ-पैर बांधकर उसके साथ दुष्कर्म किया। अगले दिन जब आरोपी पीड़िता को वापस छोड़ने दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर आया, तो वह हाथरस पुलिस को मिल गई। पुलिस ने खालिद व नीरज के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। ट्रायल के दौरान हाईकोर्ट के आदेश पर खालिद की फाइल अलग की गई।
कोर्ट ने बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि दुष्कर्म मात्र एक शारीरिक प्रहार नहीं है, बल्कि यह पीड़िता के संपूर्ण व्यक्तित्व को नष्ट करने जैसा है। एक हत्यारा केवल शरीर को नष्ट करता है, लेकिन बलात्कारी एक असहाय स्त्री की आत्मा को अपमानित करता है।
कोर्ट ने आरोपी नीरज गुप्ता को धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा चार के तहत दोषी पाते हुए 20 साल की सख्त जेल की सजा सुनाई। कोर्ट ने आदेश दिया कि आरोपी से वसूले जाने वाले 12,000 रुपये के अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को उसके पुनर्वास और चिकित्सकीय व्यय के लिए मुआवजे के रूप में दी जाएगी।