किशोरी घरेलू सामान लेने की कहकर घर से बाजार गई थी, जो रात्रि तक वापस नहीं आई। हर जगह तलाश किया पर नहीं मिली। इस मामले में एक नामजद आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
हाथरस में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चित्रा शर्मा के न्यायालय ने 17 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 18 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अधिरोपित अर्थदंड से पीड़िता को चिकित्सीय खर्चों और पुनर्वास की पूर्ति का खर्च दिया जाएगा। दोषी जनपद मैनपुरी का रहने वाला है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार सिकंदराराऊ निवासी एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में कहा था कि 13 सितंबर 2020 को दोपहर 3:00 बजे उनकी पुत्री (17) घरेलू सामान लेने की कहकर घर से बाजार गई थी, जो रात्रि तक वापस नहीं आई। हर जगह तलाश किया पर नहीं मिली। इस मामले में एक नामजद आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस ने पीड़िता के बयानों के आधार पर नामजद आरोपी की नामजदगी गलत पाई। इस मामले में आरोपी अंकित निवासी थाना बिछ्मा जिला मैनपुरी के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल कर दिया। सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) चित्रा शर्मा के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने आरोपी अंकित को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी ने की।