कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक करते डीएम।
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राज्य पोषण मिशन के तहत संचालित जिला पोषण समिति की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेेट सभागार में हुई। इसके तहत जिले के कुपोषण से चिन्हित गांव को कुपोषण मुक्त करने पर चर्चा की गई। डीएम ने सभी सीडीपीओ से बच्चों के लिए आने वाले पुष्टाहार वितरण में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान डीपीओ धर्मेंद्र कुमार कुलश्रेष्ठ ने बताया कि सीएमओ के गोद लिए गांव मीतई, जिला कार्यक्रम अधिकारी के गांव टिमरली कुपोषण मुक्त होने शेष हैं। उन्होंने बताया कि शेष सभी गोद लिए गए राजस्व गांव कुपोषण मुक्त हो गए हैं। डीएम ने कहा कि कुपोषण मुक्त गांवों में पुन: कुपोषित बच्चे नहीं मिलें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने सभी सीडीपीओ और सुपरवाइजर से आंगनबाड़ी केंद्रों का लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि विगत दिनों में कई निरीक्षण में केंद्रों पर बच्चों की संख्या मानक से कम मिली है, जो यह स्पष्ट करता है कि सीडीपीओ और सुपरवाइजर द्वारा किसी भी प्रकार की मॉनीटरिंग नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुन: निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिलने या बच्चे नहीं मिलने पर सीडीपीओ पर कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर पीडी चंद्रशेखर शुक्ला, सीएमओ बृजेश राठौर, डीएसओ सुरेंद्र यादव, सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।