डेंगू और चिकनगुनिया तथा मलेरिया आदि बीमारियों की रोकथाम के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाए जाने, ग्रामीणों में जागरूकता जगाने संबंधी दिशा निर्देश शासन ने जारी कर दिए हैं। डीएम, सीडीओ और डीपीआरओ को प्रमुख सचिव चंचल कुमार तिवारी ने शासनादेश भी जारी कर दिया है।
शासनादेश में साफ कहा गया है कि डेंगू, चिकनगुनिया तथा मलेरिया आदि मच्छर जनित बीमारियों के फैलने से बचाव के दृष्टिगत सभी ग्राम सभाओं में एकत्र पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।
जिससे मच्छर एवं उनके लार्वा न पनप सकें। इसके लिए दवाओं का छिड़काव कराया जाए, जिसमें चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों का सक्रिय सहयोग प्राप्त किया जाए। ग्राम पंचायत अधिकारियों द्वारा जनसहभागिता से अपने क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामों में सफाई का विशेष अभियान चलाया जाए।
ग्राम सभाओं में तैनात सफाई कर्मचारियों को भी अपनी तैनाती के ग्राम सभा के अंतर्गत सफाई का विशेष ध्यान रखते हुए सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, कूड़ा कचरा हटाने, पानी के ठहरने के स्थानों को चिह्नित करते हुए उसकी निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने तथा नालियों की सफाई नियमित रूप से करने के लिए निर्देशित कर दिया जाए। इस कार्य का समुचित पर्यवेक्षण किया जाए। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
बरसात के मौसम में प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष सफाई अभियान विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सभी सफाई कर्मियों को ग्राम पंचायतवार दो से पांच दिन का रोस्टर बनाकर गंदी गलियों, बंद नालियों एवं हैडपंपो के चारों ओर अन्य पेयजल स्त्रोतों के आसपास एवं तालाब के इनलेट की सफाई सुनिश्चित की जाए।
यदि किसी ग्राम पंचायत में अभियान के दौरान सफाई कर्मियों की संख्या में कमी पाई जाती है तो ग्राम पंचायत व अन्य श्रमिक सहायता लेकर उक्त अभियान को सफल बनाया जाए।
ग्राम वासियों को एकत्र दूषित जल की निकासी तथा सफाई पर विशेष ध्यान देने के साथ साथ मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के प्रति जागरूकता अभियान चलाना, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को प्रार्थना के उपरांत उक्त बीमारियों के कारकों तथा बचाव के संबंध में अवगत कराए जाने के विशेष निर्देश दिए हैं।
ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति समस्त ग्राम सभाओं, ग्राम पंचायतों में आयोजित अभियान के दौरान ग्राम प्रधान के सहयोग से विशेष बैठक का आयोजन करना तथा अभियान को सफल बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर मनरेगा 14 वां वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य विभाग आदि के तहत धनराशि की व्यवस्था है।