शहर का मुख्य डाकघर 19 साल में ही जर्जर होने लगा है। इसकी छत से प्लास्टर और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे यहां आने वाले लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
मुख्य डाकघर के नवीन भवन का शिलान्यास 24 मई 2007 को हुआ था। रखरखाव के अभाव में यह भवन अब जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। यहां रोजाना करीब 600 से 700 लोग विभिन्न कार्यों के लिए आते हैं। यह लोग डाक रजिस्ट्री भेजने, आधार कार्ड बनवाने या संशोधन कराने आते हैं। कुछ लोग इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से जुड़े कार्यों के लिए पहुंचते हैं।
छत का प्लास्टर झड़ने लगा है, छत की रेलिंग भी टूट चुकी है, सरिया बाहर दिखाई दे रही है। भवन की जर्जर हालत देखकर लोगों को बच्चों के साथ अंदर जाने में डर लगता है। विभाग की ओर से अभी तक मरम्मत के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
पोस्टमास्टर मनोज कुमार राजपूत ने बताया कि भवन का निर्माण और रखरखाव सहायक अभियंता, सिविल विंग पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय आगरा के माध्यम से होता है। उनको स्थिति से अवगत करा दिया गया है। जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू होगा।
अक्सर डाक की रजिस्ट्री कराने मुख्य डाकघर आते हैं। एक दिन जर्जर छज्जे का टुकड़ा गिर गया था। भवन की हालत काफी खराब है और कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
कमल शर्मा निवासी दिल्ली वाला मोहल्ला।
अपने बच्चे का आधार कार्ड ठीक कराने डाकघर आए थे। भवन की जर्जर स्थिति देखकर बच्चे को अंदर ले जाने में डर लग रहा था। मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
स्वदेश निवासी बीएच मिल रोड।