कंपनियों की मनमानी की वजह से दुग्ध कीमतों में हुई भारी कटौती को लेकर चल रही दुग्ध उत्पादकों और चिलिंग प्लांट मालिकों की बैठक सोमवार को भी जारी रही। हड़ताल की वजह से चिलिंग प्लांटों और डेयरियों पर सन्नाटा पसरा रहा।
पिछले छह दिनों से जारी हड़ताल से दूध कारोबार काफी प्रभावित हुआ है। दुग्ध उत्पादक समस्या का समाधान न होने से परेशान हैं। वह अपने दूध को अपने घर पर ही खपाने को मजबूर हैं। कोई मावा बना रहा है तो कोई दूध से घी तैयार कर रहा है। कई कई जगह तो आस-पड़ोस में भी दूध को मुफ्त में ही बांटा जा रहा है। इधर, चिलिंग प्लांट वालों का कारोबार भी पूरी तरह से ठप पड़ गया है। मशीनें खामोश पड़ी हैं। ऐसे में चिलिंग प्लांट वाले में हो रहे नुकसान से काफी परेशान हैं, लेकिन हड़ताल फिर भी लगातार जारी है।
हालांकि हड़ताल के दौरान कस्बा व ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ दूध विक्रेताओं ने चोरी छिपे घरों तक दूध पहुंचाया। ओम आइस एंड चिलिंग प्लांट के निदेशक गुड्डू चौधरी और लेनिन डेयरी फार्म के निदेेशक और पूर्व विधायक प्रताप चौधरी ने बताया कि हड़ताल को सभी दुग्ध उत्पादक और कारोबारियों को मिलकर सफल बनाना होगा। यदि हड़ताल के लिए सभी एकजुट न हुए तो यह कंपनियां इसी तरह मनमानी करते हुए दूध को पानी के भाव खरीदेंगी। इसलिए सभी को एकजुट रहना चाहिए, जिससे कि हड़ताल सफल हो सके। आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद में भी दुग्ध उत्पादक हड़ताल पर हैं।