हाथरस। लॉकडाउन ने जनपद में नियमित टीकाकरण पर ब्रेक लगा दिया है। अब केवल हाल में जन्मे बच्चों व उनकी माताओं को ही टीके लग रहे हैं। कोविड-19 के संक्रमण से बचाव को लेकर शासन ने यह कदम उठाया है।
कोविड-19 के संक्रमण से बचाव को ध्यान में रखते हुए नियमित टीकारण को 14 अप्रैल 2020 तक के लिए स्थगित किया गया था। इसमें गांव और शहर में चलने वाले सभी टीकाकरण सत्र शामिल थे लेकिन लॉकडाउन बढने और कोरोना वायरस महामारी को लेकर इससे बचाव संबंधी गतिविधियों के अंतर्गत नियमित टीकाकरण सत्रों का संचालन अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। इसे लेकर राज्य के महानिदेशक परिवार कल्याण ने सभी
सीएमओ को पत्र जारी किया है, जिसमें अग्रिम आदेशों तक सभी टीकाकरण सत्रों को स्थगित करने की बात कही गई है।
कुछ दिन के गैप से नहीं होगा कोई नुकसान
टीका लगने में आए गैप से बच्चे या उसकी मां को कोई नुकसान नहीं होगा। इसे लेकर अगर किसी के मन में कोई भ्रांति है तो वह उसे दूर करके चिंता मुक्त रहें, अग्रिम आदेश आने पर ही टीकाकरण सत्र शुरू हो जाएगा।
सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर कर लिया निर्णय
सामाजिक दूरी का पालन करने के उद्देश्य से टीकाकरण सत्र को अग्रिम आदेशों तक शासन स्तर से स्थगित किया गया है, क्योंकि टीकाकरण सत्र के दौरान किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से दूसरों को भी इसका संक्रमण हो जाएगा, इसलिए सभी की सुरक्षा को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है।
हमारे यहां नियमित टीकाकरण पर रोक लगा दी गई है, ताकि अस्पताल में टीकाकरण के दौरान भीड़ जमा नहीं हो। अब केवल अस्पताल में जन्मे बच्चों को ही जीरो डोज दी जा रही है। यह आदेश
शासन के अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
-डॉ. रूपेंद्र गोयल, सीएमएस जिला महिला अस्पताल।
टीकाकरण केवल अस्पतालों में पैदा होने वाले बच्चों को जीरो डोज लगेगा। यह नियमित रूप से चल रहा है। बाहर टीकाकरण अग्रिम आदेशों तक नहीं किया जाएगा। यह निर्देश महानिदेशक परिवार कल्याण से प्राप्त हुए हैं।
डॉ. विजेंद्र सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।