साहब! हम और हमारा पूरा परिवार आपके सामने खड़ा है, हम जीवित हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में हमें मार दिया गया है। पीड़ितों ने बताया कि नाम कटने के कारण उन्हें महीनों से राशन नहीं मिल रहा है, जिससे उनके परिवार के सामने पेट भरने का संकट खड़ा हो गया है।
मुरसान ब्लॉक के गांव महामौनी के ग्रामीणों की यह शिकायत तो एक बानगी है। जिले में और भी ऐसे परिवार हैं, जोकि सरकारी मुलाजिमों की लापरवाही से सरकारी राशन से वंचित हो गए हैं। जांच में सामने आया है कि आपूर्ति विभाग के जिम्मेदारों ने गैर जिम्मेदाराना कार्य करते हुए कई जीवित ग्रामीणों को कागजों में मृत घोषित कर उनके नाम राशन कार्ड से काट दिए हैं।
अब ये ग्रामीण खुद के जिंदा होने का सबूत लेकर सरकारी चौखटों पर न्याय की गुहार लगा रहे हैं और राशन डीलर पर भी मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं। ग्राम महामौनी निवासी मुन्नालाल और बिजेंद्र सिंह का कहना है कि उचित दर विक्रेता मूलचंद्र उर्फ देवा ने आपूर्ति निरीक्षक और जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों से साठगांठ कर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है। बिना किसी जांच और सत्यापन के ही जीवित लोगों को मृत दिखाकर उनके नाम राशन कार्डधारकों की सूची से हटा दिए गए हैं।
पूरे जिंदा परिवार को दिखा दिया मृतकपीड़ित मुन्नालाल ने बताया कि उनकी पत्नी राजकुमारी के नाम से जारी राशन कार्ड संख्या- 214440608184 से उनके पुत्र अनूप, चेतन, जितेंद्र, रूपेश कुमार, पुत्रवधू ज्योति और पोता-पोती तक के नाम ''मृतक'' दिखाकर काट दिए गए हैं। मुन्नालाल ने बताया कि इस संबंध में समाधान दिवस में भी शिकायत की गई थी, लेकिन विभाग की ओर से अभी तक कोई सुनवाई नहीं की गई है।
बिजेंद्र के साथ भी हुई नाइंसाफी
बिजेंद्र सिंह का आरोप है कि उनकी पत्नी अनीता देवी के राशन कार्ड से उनका और उनके पुत्र राहुल कुमार, पुत्रवधू पूजा देवी का नाम मृतक दर्शाकर काट दिया गया है। इन नामों को जुड़वाने के लिए उन्होंने काफी प्रयास किए हैं, लेकिन अभी तक नाम नहीं जोड़े गए हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की किसी निष्पक्ष टीम से जांच कराई जाए और दोषी राशन डीलर व संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उनके नाम राशन कार्ड में बहाल नहीं किए गए, तो वह बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
यह कार्डधारक पहले से ही नजदीक के गांव पदू से राशन ले रहे थे। वहीं से इनके नाम कटे हैं। विभाग व पदू के राशन डीलर की जिम्मेदारी है। मेरा इस मामले से कोई लेना देना नहीं है।
-मूलचंद, राशन डीलर।
मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। यह मामला गंभीर है।
-अतुल वत्स, डीएम