नोटबंदी के 13 वें दिन भी जिलेभर की बैंक शाखाओं और डाकघरों पर नोट बदलने, निकालने और जमा करने के लिए जमकर हंगामा और धक्का-मुक्की हुई। कई बैंकों के बाहर लगी लंबी-लंबी कतारों से सड़कों पर आवागमन भी ठप हो गया। कई शाखाओं में दोपहर होते-होते कैश भी खत्म हो गया, जिससे गुस्साए लोग बैंकों को कोसते हुए लौट गए।
आठ नवंबर को पीएम मोदी के हजार पांच सौ के नोट बंद करने के फैसले के बाद से बैंकों के बाहर मतदान केंद्रों जैसा नजारा नजर आ रहा है। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को लोगों ने दिन निकलते ही बैंकों की ओर रुख कर लिया। सुबह छह बजे से ही बैंकों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगना शुरू हो गईं। जिले की कई बैंक शाखाओं में दोपहर तक कैश खत्म हो गया।
इस वजह से लोगों में बेहद नाराजगी रही। इन लोगों का कहना था कि बैंकों में रोजाना यही हाल है, सुबह जल्दी आकर लाइन में लगने के बाद भी उन्हें कैश नहीं मिल पा रहा। इससे घर परिवार चलाने में काफी परेशानी आ रही है। रुपये न होने से उधार लेकर काम चलाना पड़ रहा है।
इधर, बैंकों के अंदर घुसने की जल्दबाजी में कतारों में खड़े लोगों में आपस में जमकर धक्का-मुक्की और हंगामा किया। पुलिस कर्मियों ने भीड़ को संभालने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के आगे पुलिस वेबस नजर आई। इधर, सिकंदराराऊ में स्टेट बैंक के बाहर लगी भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस को लाठियां फटकारानी पड़ी। इस हंगामे के बीच वहां एक व्यक्ति घायल हो गया, जबकि महिला बेहोश होकर गिर गई।
वहीं जिले में एटीएम चालू नहीं होने से बैंकों का लोड हल्का नहीं हो पा रहा। नोटबंदी के 13 दिन बाद भी जिले के लोग नकद निकासी के लिए एटीएम पर निर्भर हैं, लेकिन जिले के 90 फीसदी एटीएम तकनीकी बदलाव नहीं होने से अभी तक बंद पड़े हुए हैं। जो एटीएम चालू भी हैं तो वहां महज दो हजार रुपये का कैश निकालने के लिए लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ता है। उसमें भी यह गारंटी नहीं है कि कैश निकल जाएगा।
यही वजह है कि नकदी की जरूरत के लिए लोग पूरी तरह बैंकों के मोहताज हैं। बैंक प्रबंधन भी यह गारंटी नहीं दे पा रहे कि आखिर एटीएम कब तक सुचारू हो सकेंगे। उनका कहना है कि उच्च स्तर से एटीएम में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही एटीएम से नकद निकासी सुचारू हो जाएगी। हालांकि रविवार को भी चालू एटीएम पर काफी भीड़ रही, लेकिन उनमें दोपहर तक कैश खत्म हो गया था। सोमवार को बैंक खुलने के बाद एटीएम पर फिर नकद निकालने वालों की लंबी लाइन नजर आई।