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Life saving injection: हार्ट अटैक मरीजों के लिए हाथरस को मिले 55 जीवनरक्षक इंजेक्शन, ऐसे बचाते हैं जिंदगी

Sat, 17 Jan 2026 03:38 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

प्रदेश सरकार ने हार्ट अटैक के मामलों को देखते हुए दो महीने पहले सभी जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जीवन रक्षक इंजेक्शन उपलब्ध कराने का फैसला लिया था। हाथरस जिले को 55 टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन प्राप्त हो गए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग को मिले जीवन रक्षक इंजेक्शन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हार्ट अटैक आने पर यदि मरीज समय से सरकारी अस्पताल पहुंचता है तो उसे बचाया जा सकेगा। हाथरस स्वास्थ्य विभाग को 55 जीवनरक्षक इंजेक्शन शासन से प्राप्त हो गए हैं, जो कि अटैक की स्थिति में मरीज को दिए जाएंगे। ये इंजेक्शन खून का थक्का बनने से रोकेंगे, जिससे हृदय को नुकसान पहुंचने से बचाया जा सकेगा। उपचार के लिए चिकित्सकों को और समय मिल सकेगा।

हाथरस जिले को 55 जीवन रक्षक इंजेक्शन प्राप्त हो चुके हैं। अब शासन से मांग के अनुरूप समय-समय पर इनकी उपलब्धता होती रहेगी। इससे हार्ट अटैक के मरीजों को त्वरित उपचार दिया जा सकेगा। रेफर करने की स्थिति में उन्हें हायर सेंटर पहुंचाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। उनकी जान बचाई जा सकेगी।-डाॅ. राजीव गुप्ता, एसीएमओ।

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डेढ़ महीने में 27 लोग गंवा चुके हैं जान
इस सर्दी में अचानक होने वाले हार्ट अटैक के मामले बढ़ गए हैं। बीते डेढ़ महीने में 27 से अधिक लोग इसकी वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं। नगला अलगर्जी की चप्पल फैक्टरी में काम करने वाले हेमंत (44) की तीन जनवरी की सुबह तबीयत खराब हुई थी। वे समय से बाइक पर बैठकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे थे। दस मिनट बाद इमरजेंसी में उन्हें फिर से अटैक पड़ा और उनकी मौत हो गई। इस तरह के कई मामले हुए हैं, जिसमें मरीज को त्वरित उपचार न मिलने के कारण बचाया नहीं जा सका।

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हाथरस जिले को मिले 55 इंजेक्शन

हार्ट अटैक के मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार ने दो महीने पहले सभी जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जीवन रक्षक इंजेक्शन उपलब्ध कराने का फैसला लिया था। इस क्रम में शुक्रवार को जिले को 55 टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन प्राप्त हो गए हैं। एसीएमओ डाॅ. राजीव गुप्ता ने बताया कि इंजेक्शन ड्रग स्टोर में रखवाए गए हैं। इनमें से पांच इंजेक्शन जिला अस्पताल व दो-दो सीएचसी पर भेजे गए हैं। बाजार में 40 एमजी के इस इंजेक्शन की कीमत 35 से 40 हजार रुपये है।

मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक देंगे सलाह
जिले में कार्डियोलाजिस्ट की तैनाती न होने से सबसे बड़ी दिक्कत थी कि इंजेक्शन कैसे मरीज को लगाया जाएगा। इसके समाधान के लिए पिछले माह स्टेमि टीम तैयार कर प्रशिक्षण के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा भेजी गई थी। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद फिजिशियन, टेक्नीशियन व अन्य स्टॉफ ने यहां आकर स्टॉफ को प्रशिक्षण दिया। अब यही स्टॉफ सभी सीएचसी व इमरजेंसी में ईसीजी व अन्य जांच रिपोर्ट तैयार कर स्टेमि व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों से सलाह लेता है और मरीज को उपचार दिया जाता है।
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