स्वास्थ्य विभाग को मिले जीवन रक्षक इंजेक्शन
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हार्ट अटैक आने पर यदि मरीज समय से सरकारी अस्पताल पहुंचता है तो उसे बचाया जा सकेगा। हाथरस स्वास्थ्य विभाग को 55 जीवनरक्षक इंजेक्शन शासन से प्राप्त हो गए हैं, जो कि अटैक की स्थिति में मरीज को दिए जाएंगे। ये इंजेक्शन खून का थक्का बनने से रोकेंगे, जिससे हृदय को नुकसान पहुंचने से बचाया जा सकेगा। उपचार के लिए चिकित्सकों को और समय मिल सकेगा।
हाथरस जिले को 55 जीवन रक्षक इंजेक्शन प्राप्त हो चुके हैं। अब शासन से मांग के अनुरूप समय-समय पर इनकी उपलब्धता होती रहेगी। इससे हार्ट अटैक के मरीजों को त्वरित उपचार दिया जा सकेगा। रेफर करने की स्थिति में उन्हें हायर सेंटर पहुंचाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। उनकी जान बचाई जा सकेगी।-डाॅ. राजीव गुप्ता, एसीएमओ।
डेढ़ महीने में 27 लोग गंवा चुके हैं जान
इस सर्दी में अचानक होने वाले हार्ट अटैक के मामले बढ़ गए हैं। बीते डेढ़ महीने में 27 से अधिक लोग इसकी वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं। नगला अलगर्जी की चप्पल फैक्टरी में काम करने वाले हेमंत (44) की तीन जनवरी की सुबह तबीयत खराब हुई थी। वे समय से बाइक पर बैठकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे थे। दस मिनट बाद इमरजेंसी में उन्हें फिर से अटैक पड़ा और उनकी मौत हो गई। इस तरह के कई मामले हुए हैं, जिसमें मरीज को त्वरित उपचार न मिलने के कारण बचाया नहीं जा सका।