न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की धनराशि वसूल होने के बाद नियमानुसार बतौर प्रतिकर पीड़िता के चिकित्सकीय व्यय और पुनर्वास की पूर्ति के लिए प्रदान की जाएगी।
सात गवाहों की हुई न्यायालय में गवाही
एडीजीसी मुकेश कुमार चौधरी ने बताया कि इस प्रकरण में वादी सहित सात साक्षियों को परीक्षित कराया और उनकी गवाही से अभियुक्त को न्यायालय में दोष सिद्ध किया गया। मामले में पीड़िता के बयानों ने अभियुक्त को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई।