एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर दी। तहरीर में उसने कहा कि उसकी सात वर्षीय पुत्री 13 मार्च 2019 को घर के बाहर शौच करने गई थी। तभी संजय ने उसकी पुत्री को बुरी नीयत से पकड़ लिया और छेड़खानी की।
हाथरस के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) चित्रा शर्मा के न्यायालय ने सात वर्षीय बालिका से दुष्कर्म करने वाले को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार हाथरस गेट थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर दी। तहरीर में उसने कहा कि उसकी सात वर्षीय पुत्री 13 मार्च 2019 को घर के बाहर शौच करने गई थी। तभी संजय ने उसकी पुत्री को बुरी नीयत से पकड़ लिया और छेड़खानी की। इस मामले में थाना हाथरस गेट में मुकदमा आईपीसी की धारा 354 व 7/8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ।
न्यायालय में पीड़िता के सीआरपीसी की धारा 164 के तहत हुए बयान के आधार पर विवेचक द्वारा आईपीसी की धारा 376 व 3/4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा की बढ़ोतरी की गई। आईपीसी की धारा 354 व 7/ 8 पॉक्सो एक्ट का लोप किया गया। विवेचक ने इस मुकदमे में विवेचना के उपरांत अभियुक्त संजय के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया।
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मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) चित्रा शर्मा के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत अभियुक्त संजय को दोषी दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी केशवदेव माहौर ने की।