मुरसान के पटाखास में एक परिवार के पलायन कर जाने का मामला सामने आया है।दो पक्ष में मारपीट हुई। जिससें वृद्ध की मौत हुई। पुलिस आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं कर पाई। पीड़ित परिवार ने आरोपियों से जान-माल का खतरा बताते हुए घर ही छोड़ दिया।
मुरसान के गांव पटाखास में 9 नवंबर की सुबह दो पक्षों में हुई मारपीट के बाद एक वृद्ध की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर सकी। 25 नवंबर को पीड़ित परिवार के सोनपाल व उनकी पत्नी प्रीति ने आरोपियों से जान-माल का खतरा बताते हुए पलायन करने का बैनर लगा दिया और परिवार घर पर ताला लगाकर चला भी गया।
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मृतक के परिजनों ने गांव के ही ग्राम प्रधान पति सहित छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा मुरसान कोतवाली में दर्ज कराया था। परिवार का आरोप है कि गिरफ्तारी न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वह उन्हें आए-दिन जान से मारने और उनके बच्चों का अपहरण करने की धमकी दे रहे हैं।
उल्लेखनीय कि प्रीती पत्नी सोनपाल निवासी गांव पटाखास ने गांव के ही प्रधान पति सुभाष सहित उसके परिवार के अजय, विजय, अशोक, राहुल और विशाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। प्रीती का कहना है कि नौ नवंबर की सुबह 10 बजे उनकी सास प्रेमवती घर पर खाना बना रही थीं। इस दौरान आरोपी लाठी-डंडे लेकर घर में घुस आए और पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि सुभाष ने बादाम सिंह को तमंचे की बट मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। सास प्रेमवती को भी सिर में तमंचे की बट मार दी थी, जिससे वह बेहोश हो गई।
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चीख-पुकार सुनकर सोनपाल पहुंच तो उनको भी पीटा। दूसरे दिन 10 नवंबर को उपचार के दौरान ही बादाम सिंह ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने सड़क पर शव रखकर जिला अस्पताल के पास हंगामा किया था। बादाम सिंह की मौत के बाद पुलिस ने उनके शव का पोस्टमार्टम कराया और मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ा दी गई, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। सीओ सादाबाद हिमांशु माथुर का कहना है कि पलायन की बात संज्ञान में नहीं है। पोस्टमार्टम के बाद मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ था। विसरा की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।