हाथरस जिले में मेडिकल कॉलेज बनने से सबसे बड़ी राहत आम मरीजों और उनके तीमारदारों को मिलने वाली है। अब तक गंभीर बीमारियों, दुर्घटनाओं या उच्च स्तरीय इलाज के लिए हाथरस के मरीजों को पूरी तरह अलीगढ़, आगरा या दिल्ली पर निर्भर रहना पड़ता है।
हाथरस में मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए तहसील सासनी में आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (पराग डेयरी) परिसर की 6.675 हेक्टेयर भूमि औपचारिक रूप से चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। इस संबंध में डीएम सत्यप्रकाश पटेल ने शासन को रिपोर्ट भी भेज दी है।
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डीएम ने अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा को पत्र भेजकर आगे की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का अनुरोध किया है। गौरतलब है कि दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड अलीगढ़ के इकाई प्रभारी के अनुरोध पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में संयुक्त टीम का गठन किया गया था।
इस टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि का भौतिक कब्जा मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सौंप दिया है। भूमि के एवज में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा दुग्ध संघ के खाते में 1,03,771 रुपये की सांकेतिक धनराशि जमा कराई जानी है, जिसके बाद राजस्व अभिलेखों में इसके दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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इधर, जिले में मेडिकल कॉलेज बनने से सबसे बड़ी राहत आम मरीजों और उनके तीमारदारों को मिलने वाली है। अब तक गंभीर बीमारियों, दुर्घटनाओं या उच्च स्तरीय इलाज के लिए हाथरस के मरीजों को पूरी तरह अलीगढ़, आगरा या दिल्ली पर निर्भर रहना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज बन जाने के बाद जिले में ही उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं, आईसीयू और आधुनिक जांच की सुविधाएं मिलने लगेंगी। डीएम सत्यप्रकाश पटेल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरित प्रक्रिया के संबंध शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। अब धनराशि जमा कर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।