नाला सफाई पर लाखों रुपये पानी की तरह बहाने के बाद भी शहर की स्थिति जस की तस बनी हुई है। आलम यह है कि थोड़ी सी ही बारिश में शहर के प्रमुख मार्ग और कॉलोनियां टापू में तब्दील हो गईं, जिससे राहगीरों और दुकानदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नगर पालिका ने शहर के 13 प्रमुख बड़े नालों की तली झाड़ सफाई के लिए 38 लाख रुपये का टेंडर निकाला था। विभागीय खींचतान और उदासीनता के चलते दो बार टेंडर प्रक्रिया निरस्त हुई और तीसरी बार में जाकर ठेका उठ सका। ठेका देरी से उठने के कारण सफाई कार्य समय से शुरू नहीं हो पाया।
हालांकि, खानापूर्ति के लिए पालिका ने अपने 20 सफाई कर्मचारियों की टीम और दो जेसीबी मशीनों को क्षेत्र में उतारा था। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण की फोटो खिंचवाईं, लेकिन जमीनी हकीकत पहली ही बारिश में मलबे की तरह तैरती नजर आई।
कोतवाली सदर हुई जलमग्न, घुटनों तक भरा पानी
बारिश के बाद सबसे बदतर स्थिति कोतवाली सदर व उसके आसपास के इलाकों में देखने को मिली। बीते 17 मई को ही नगर पालिका ने बड़े जोर-शोर से कोतवाली सदर के बाहर के नाले को जेसीबी लगाकर साफ करने का दावा किया था, लेकिन दोपहर को हुई महज एक घंटे की बारिश ने इस सफाई की पोल खोल दी।
शहर के इन प्रमुख इलाकों में भी रहा बुरा हाल
शहर के आगरा रोड स्थित स्टेट बैंक कॉलोनी, कंचन नगर, चामड़ गेट, भूरापीर, मोहल्ला श्रीनगर नई बस्ती, मुरसान गेट, विजय नगर की गलियां, गिर्राज कॉलोनी, तमना गढ़ी व नगला अलगर्जी रोड सहित कई जगह जलभराव रहा।