गांव सांदलपुर स्थित बाबा ईंट-भट्ठे पर बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिरने से तीन साल के मासूम मयंक की जान चली गई। यह हादसा उस वक्त हुआ, जब मयंक घर के बाहर खेल रहा था।
बुधवार सुबह से लापता बच्चे का शव देर शाम भट्ठे के पास बने तीन से चार फीट गहरे पानी के भरे गड्ढे में मिला। देदामई चौकी पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
चंद्रभान मूल रूप से ग्राम बेदो थाना पनवाड़ी तहसील कुलपहाड़ जनपद महोबा के रहने वाले हैं। वह करीब आठ माह पहले रोजी-रोटी की तलाश में पत्नी और तीन वर्ष के बेटे मयंक के साथ आए थे। सांदलपुर स्थित बाबा ईंट भट्ठे पर काम मिलने के बाद वहीं परिवार के साथ रह रहे थे।
बुधवार की सुबह करीब 12 बजे मयंक घर के बाहर खेल रहा था। मां घर पर खाना खा रही थी और पिता काम कर रहे थे। खेलते-खेलते मयंक कब भट्ठे की ओर चला गया, किसी को भनक तक नहीं लगी। परिजनों ने शाम होते ही उसकी तलाश शुरू कर दी। आसपास के इलाकों, रास्तों और भट्ठे के क्षेत्र में खोजबीन की गई।
बुधवार की शाम को दोबारा तलाश के दौरान भट्ठे के पास बने पानी के गड्ढे में एक हाथ बाहर दिखाई दिया। जब बच्चे को बाहर निकाला गया तो वह मयंक ही था। उसे चिकित्सक के पास ले जाया गया, वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने बृहस्पतिवार को स्थानीय पुलिस को घटना से अवगत कराया। चंद्रभान ने बताया कि मयंक उनकी एकमात्र संतान है। उसकी मां क्रांति देवी का बेटे की मौत के बाद रो-रोकर बुरा हाल है।