एक दिन पहले दो पक्षों में हुए झगड़े के बाद शुक्रवार को फिर अतिसंवेदनशील लाला का नगला सुलग उठा। जुमे की नमाज से ठीक पहले एक पक्ष ने दूसरे पर जमकर फायरिंग की। दो लोगों ने पुलिस चौकी में घुसकर अपनी जान बचाई। इसके बाद दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। हाथ में लाठी, डंडे और तलवार लेकर लोग घरों से निकल आए। हालात पर काबू पाने के लिए सदर कोतवाली का पूरा फोर्स लाला का नगला पहुंच गया। पीएसी को भी लगाया गया। पुलिस को देख आरोपी भाग निकले। देर शाम एक पक्ष ने मुकदमा दर्ज क रने को तहरीर दी। इसमें चार लोगों को मुख्य आरेपी बनाया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। उपद्रव की आशंका को देखते हुए इलाके में फोर्स को 24 घंटे के लिए तैनात किया गया है।
मोहल्ले में एक मजदूर के मकान के चबूतरे पर उसी के समुदाय के कुछ युवक आए दिन खड़े रहते हैं। मजदूर की बेटियों पर इनकी बुरी नजर रहती है। युवकों के खड़े होने का विरोध करने पर गुरुवार को मोहल्ले के इकबाल का झगड़ा आरोपियों से हुआ था। मारपीट के बाद दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ था। शुक्रवार सुबह दोनों पक्षों में समझौता हो गया। इसके कुछ देर बाद आरोपी युवक फिर चबूतरे पर खड़े हो गए और विरोध करने पर मजदूर को पीटने लगे। इस बार भी जब इकबाल ने विरोध किया तो युवकों ने देसी तमंचों से फायरिंग शुरू कर दी।
इकबाल और उसके साथियों को पुलिस सहायता केंद्र की ओर दौड़ लगानी पड़ी। उन पर कई फायर किये गए, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। छह से सात मिनट तक फायरिंग हुई। तब तक दूसरे पक्ष ने तैयारी कर ली और हाथ में लाठी, डंडे आदि लेकर युवक घरों से निकल आए। पुलिस चौकी में बैठे सिपाहियों ने भी आरोपियों से मोर्चा लेना शुरू कर दिया तो वह भाग निकले। सदर कोतवाल, सभी सब इंस्पेक्टर और सिपाही कुछ देर बाद ही पूरी तैयारी से लाला के नगला में पहुंच गए और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई। देर तक सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन वह नहीं मिले। सदर कोतवाल एके सिंह का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ जल्द मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।