सादाबाद। कस्बे के बिनोवा नगर चौराहे पर एक महिला के शव को लेकर उसके मायके और ससुराल वालों में जबर्दस्त खींचतान हुई। वहां जमकर हंगामा हुआ। काफी भीड़ जुट गई। कुछ लोगों के हस्तक्षेप के बाद महिला के शव को उसके मायके वाले ले गए, जबकि उसका एक माह का नवजात शिशु ससुराल वालों को सौंप दिया गया। तब जाकर हंगामा शांत हुआ।
हाथरस निवासी एक युवक की 25 वर्षीय पत्नी ने एक माह पूर्व बच्चे को जन्म दिया। तभी से उसकी तबियत खराब थी। हाथरस में ही उसका इलाज चल रहा था। पांच दिन पूर्व तबियत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए आगरा ले जाया गया। वहां गुरुवार की रात उसने दम तोड़ दिया। परिजन शव को एंबुलेंस से हाथरस लेकर लौट रहे थे। मृतका सहपऊ के गांव धाधऊ की बेटी थी। लिहाजा उसके मायके वाले सादाबाद में बिनोवा नगर चौराहे पर पहुंच गए।
एंबुलेंस में मृतक के माता-पिता भी थे। सादाबाद पहुंचते ही एंबुलेंस को उन्होंने रुकवा लिया और शव को धाधऊ ले जाने की जिद पर अड़ गए, जबकि मृतका का पति शव को हाथरस ले जाना चाहते थे। काफी देर तक दोनों में वहां खींचतान होती रही। हाथरस से भी कुछ लेग वहां पहुंच गए। काफी जद्दोजहद के बाद मायके और ससुराल वालों में समझौता हुआ।