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कस्तूरबा स्कूल में अव्यवस्थाएं देख जिलाधिकारी का चढ़ा पारा

Thu, 09 May 2019 12:04 AM IST
Mohd Rafeek न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
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कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का निरीक्षण करते डीएम। - फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। ब्लॉक मुरसान के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय टुकसान का डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय के आवश्यक मूलभूत सुविधाएं अव्यवस्थित पाए जाने पर वार्डन शशिवाला का स्पष्टीकरण मांगा गया और गैरहाजिर लेखाकार पूनम पाल का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
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पत्र व्यवहार पंजिका, पुस्तक संग्रह रजिस्टर, स्टाफ उपस्थिति रजिस्टर, छात्र पंजीकरण पंजिका, राशन सामग्री स्टाक पंजिका, सामग्री वितरण पंजिका तथा प्रवेश पंजिका के अवलोकन के साथ साथ विद्यालय का भ्रमण करके भौतिक निरीक्षण किया। स्टाफ उपस्थिति पंजिका के अवलोकन पर लेखाकार पूनम पाल के हस्ताक्षर उपस्थिति पंजिका में दर्ज थे, परंतु मौके पर गैरहाजिर पाई गई। इसके अलावा रसोइया सावित्री के हस्ताक्षर उपस्थिति रजिस्टर में नहीं थे, परंतु उपस्थित पाई गईं। विद्यालय में आकस्मिक अवकाश रजिस्टर नहीं बनाने पर शीघ्र समस्त रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए। डीएम ने सभी कर्मचारी से नियमित रूप से रजिस्टर में हस्ताक्षर करने के निर्देश दिए। छात्र उपस्थिति रजिस्टर में तत्काल रूप से उपस्थिति और अनुपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए। जानकारी करने पर वार्डन शशिवाला ने बताया कि विद्यालय में पंजीकृत 99 बालिका के सापेक्ष 65 बालिकाएं उपस्थित हैं। इसके अलावा नए सत्र के लिए 44 पंजीकरण के आवेदन प्राप्त हुए हैं।

डीएम ने कक्षा 6, 7 तथा 8 की छात्राओं से किताबें, ड्रेस के वितरण के बारे में जानकारी ली। छात्राओं ने किताब न मिलने की जानकारी दी। डीएम ने बीएसए को किताबें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बीएसए ने बताया कि संबंधित बीआरसी पर छात्राओं के लिए किताबें उपलब्ध हैं, परंतु वार्डन द्वारा किताबें अभी तक प्राप्त नहीं की गई हैं। डीएम ने नाराजगी जताते हुए शीघ्र किताबें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मिड-डे-मील के भोजन के बारे में जानकारी करने पर वार्डन शशिवाला ने बताया कि आज कढ़ी, चावल, रायता और अन्य सामग्री उपलब्ध है। भोजन के अवलोकन पर चावल की गुणवत्ता में सुधार लाने को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं के लिए 24 घंटे बिजली तथा पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वार्डन ने बताया कि लाइट चली जाने के दौरान इन्वर्टर तथा जेनरेटर के माध्यम से प्रकाश की व्यवस्था की जाती है।
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