हाथरस। आज दुल्हन की भांति सजी सुहागिनों को अपने चांद का इंतजार होगा। निगाहें आसमां पर टिकी होंगी। दिन छिपते ही हाथ में करवा व चलनी में आस्था और विश्वास का दीपक व शुभ संदेश देती पूजा की थाली लिए सुहागिनें छत पर पहुंचेंगी। वहां चलनी से चांद का दीदार कर जल का अर्घ देकर पति की लंबी उम्र की कामना करेंगी।
शुक्रवार का दिन सुहागिनों के लिए बेहद खास होगा। अपने जीवनसाथी के प्रति प्रेम और समर्पण के भावों की अभिव्यक्ति और दांपत्य सूत्र को सशक्त करने तथा सौभाग्य की रक्षा के लिए सुहागिनें अखंड सौभाग्य पाने के लिए आज पूरे दिन निर्जल व्रत रखेंगी। शाम को सोलह शृंगार कर विवाहिताएं करवाचौथ की कहानी सुनेंगी और करवाचौथ माता और गणगौर की पूजा अर्चना कर अपने सुहाग की रक्षा व उनकी सुख समृद्धि की कामना करेंगी। तत्पश्चात आसमान में चांद नजर आने के बाद सुहागिनें अपने पति के हाथों से पानी ग्रहण करेंगी, उनकी आरती उतारेंगी और आशीर्वाद लेंगी। पति भी उन्हें अपने हाथों से पानी पिलाकर उनका व्रत खुलवाएंगे।