मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात अर्नब के प्रभाव के चलते दिल्ली-एनसीआर व आसपास के इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। ऐसे में व्रती महिलाओं को अर्घ्य देने और छलनी की ओट से चांद का दीदार करने के लिए कुछ देर प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
करवाचौथ का त्योहार आज मनाया जा रहा है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ दिनभर निर्जला उपवास रखेंगी। चंद्रदेव के दर्शन पर खराब मौसम का साया रहेगा।
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शाम को पारंपरिक विधि-विधान से चौथ माता का पूजन करने के उपरांत रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाएगा। पंचांग के अनुसार आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 29 अक्तूबर को रात 1:06 बजे से शुरू होकर उसी रात 10:09 बजे तक रहेगी। उदयातिथि और चंद्रोदयव्यापिनी मुहूर्त के चलते करवा चौथ का व्रत 29 अक्तूबर को ही रखा जाएगा।
हाथरस में रात करीब 8:20 बजे चंद्र दर्शन होने का समय आकलित किया गया है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात अर्नब के प्रभाव के चलते दिल्ली-एनसीआर व आसपास के इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। ऐसे में व्रती महिलाओं को अर्घ्य देने और छलनी की ओट से चांद का दीदार करने के लिए कुछ देर प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
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आचार्य सीपूजी महाराज का कहना है कि सनातन परंपरा में व्रत और त्योहार केवल बाह्य धार्मिक अनुष्ठान नहीं हैं, बल्कि ये परिवार को प्रेम, संस्कार और विश्वास की डोर में पिरोने का सशक्त माध्यम हैं। करवा चौथ पति-पत्नी के बीच परस्पर सम्मान, समर्पण और भावनात्मक प्रगाढ़ता को नई मजबूती प्रदान करता है।